सीनियर सिजटीन सेल प्रभारी इंस्पेक्टर सविता की टीम ने गर्ल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिही में छात्राओं को किया जागरुक

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फरीदाबाद : डीसीपी नीतिश अग्रवाल के दिशा-निर्देश के तहत सीनियर सिजटीन सेल प्रभारी इंस्पेक्टर सविता ने अपनी टीम के साथ गर्ल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिही में पहूंच कर 900 से अधिक छात्राओं को नशा व महिला विरुद्ध अपराध के संबधं में जागरुक करते हुए इससे बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी है। इस अवसर पर पुलिस टीम के साथ स्कूल के सभागार में छात्राओं के साथ कॉलेज के प्रधानाचार्य जयप्रकाश व स्कूल स्टाफ के साथ मौजूद रहे।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि समाज में अपराधों पर अंकुश लगाने का सबसे बेहतरीन तरीका है नागरिकों को उनके अधिकारों तथा समाज में फैली कुरीतियों का विरोध करते हुए उनके खिलाफ आवाज उठाने के लिए जागरूक करना। जिस प्रदेश के नागरिक अपने अधिकारों के प्रति जितने अधिक जागरूक होंगे वह प्रदेश उतनी ही अधिक तरक्की करेगा और उस प्रदेश के नागरिक अपने क्षेत्र को नई बुलंदियों तक पहुंचाएंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस आयुक्त के दिशा निर्देश के तहत सीनियर सिजटीन सेल प्रभारी इंस्पेक्टर सविता अपनी टीम के साथ थाना एरिया में स्थित गर्ल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिही पहुंची। स्कूल में पहुंचकर इंस्पेक्टर सविता ने वहां पर मौजूद छात्राओं को महिला विरुद्ध अपराध के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि कुछ संकुचित मानसिकता के व्यक्ति महिलाओं का शोषण करते हैं और नशे में धुत होकर महिलाओं के साथ मारपीट करते हैं तथा उन्हें भद्दी गालियां भी देते हैं। महिलाएं समाज के डर से इसके खिलाफ कुछ नहीं कर पाती। वह अपने दुख के बारे में न हीं तो किसी को बता पाती है और न हीं इसके विरोध में अपनी आवाज उठा पाती है। परंतु ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने का एकमात्र तरीका है की आप इसके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें। इसमें पुलिस भी आपकी पूरी सहायता करेगी।

कई बार ससुराल पक्ष के दबाव में महिलाएं गर्भावस्था में लिंग जांच करवाती हैं तथा भ्रूण के कन्या होने का पता चलने पर उसके ससुराल पक्ष गर्भ को गिराने का दबाव बनाते हैं। जो महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती हैं वह इसका विरोध करती हैं परंतु कुछ महिलाएं दबाव के चलते उस भ्रूण हत्या करवा देती हैं जोकि कानूनी रूप से भी अपराध है और इंसानियत पर भी एक कलंक है जो गर्भ में पल रहे रही एक नन्ही सी जान को जन्म से पहले ही मार देते हैं। इसमें महिलाओं से अधिक दोष उनका है जो उन्हें ऐसा करने पर मजबूर करते हैं। सभी महिलाओं से अनुरोध है कि वह इस प्रकार के अपराधों के खिलाफ आवाज उठाएं और उन्हें समाज में कहीं भी इस प्रकार की कुरीतियां दिखाई दे तो वह इसके खिलाफ महिला हेल्पलाइन 1091 या पुलिस हेल्पलाइन 112 पर इसकी सूचना दें। इसके अलावा महिलाओं की मदद के लिए पुलिस विभाग द्वारा दुर्गा शक्ति एप भी उपलब्ध है जिसे फोन में इंस्टॉल करके इसकी सहायता से पुलिस की मदद ली जा सकती है। थाना प्रभारी ने महिलाओं को महिला विरुद्ध अपराध के खिलाफ आवाज उठाने की शपथ दिलवाकर कार्यक्रम का समापन किया।

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