सीनियर सिजटीन सेल प्रभारी इंस्पेक्टर सविता की टीम ने सेक्टर-22 में छात्राओं को साइबर व महिला विरुद्ध अपराध के प्रति किया जागरूक

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  • महिला विरुद्ध अपराध के लिए तुरंत करे 112 पर कॉल
  • साइबर विरुद्ध अपराध में किसी को न दे बैंक अकाउंट, पिन, सीसीवी, आधार कार्ड, नम्बर की जानकारी
  • फ्रॉड होने पर तुरन्त करे 1930 पर कॉल

फरीदाबाद : साइबर अपराध नोडल अधिकारी डीसीपी नीतीश कुमार अग्रवाल के दिशा निर्देश के तहत सीनियर सिजटीन सेल प्रभारी इंस्पेक्टर सविता ने अपनी टीम के साथ सेक्टर-22 गर्ल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पहूंच कर 900 से अधिक छात्राओं को साइबर,सेक्सटॉर्शन महिला विरुद्ध अपराध के संबधं में जागरुक करते हुए इससे बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्य वीना, अध्यापिका

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि गर्ल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सभागार में सभी छात्राओं को गुड व बेड टच, सोशल मीडिया से होने वाले क्राइम, दहेज उत्पीड़न, साइबर, यातायात नियमों के प्रति जागरुक करने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि एक पढ़ी-लिखी नारी अपने अधिकारों को जानती है और वह किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध अपनी आवाज उठाने में असमर्थ होती है इसलिए आवश्यक है कि प्रत्येक बच्चे को अपने अधिकारों का ज्ञान होना चाहिए ताकि वह इस समाज की बुराइयों से लड़ सके और अपने हक के लिए आवाज उठा सकें।

उन्होंने बताया कि विद्यार्थी इस सामाजिक जीवन में आज कल मुख्य रुप से सोशल मीडिया से होनो वाले क्राइम को देखते है। इसलिए सभी विद्यार्थी को सोशल मीडिया से होने वाले क्राइम से सावधान रहने व साइबर क्राइम से जागरुक रहने की आवश्यकता है। जिसमे बच्चे अपना अहम योगदान दें। इसके साथ ही विद्यार्थियों को गुड व बैड टच के बारे में जागरूक करते हुए उन्हें बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति ने गलत तरीके से स्पर्श करने की कोशिश करता है तो उसके बारे में अपने परिजनों को बताएं क्योंकि यदि वह इसका विरोध नहीं करेंगे वह फिर से उनके साथ गलत हरकत करने की कोशिश करेगा। उन्होंने बताया कि पहले इस बात के बारे में बहुत कम जानकारी होती थी कि गुड टच बैड टच क्या होता है परंतु आजकल इसके प्रति जागरूकता अभियान चलाकर विद्यार्थियों को इसकी जानकारी दी जा रही है इसलिए यदि कोई भी व्यक्ति उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश करता है तो चुप रहकर इसे सहन करने की कोशिश ना करें क्योंकि यह आगे चलकर उनके शोषण का कारण बन सकता है। इसलिए इसके विरुद्ध एकजुट होकर लड़ाई लड़ें ताकि समाज में महिला सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके।

इंस्पेक्टर सविता ने बताया कि महिला तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा 1091 तथा 1098 नंबर जारी किया गया है, साइबर ठगी के लिए 1930 नम्बर जारी किया है तथा इसके साथ ही डायल 112 प्रोजेक्ट भी शुरू किया जा चुका है जिस पर संपर्क करके आप महिला विरुद्ध होने वाले अपराधों के बारे में पुलिस को सूचित कर सकते हैं। पुलिस द्वारा सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाएगी और अपराधी को जल्द से जल्द सजा दिलवाकर पीड़ित को न्याय दिलवाया जाएगा।

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