चिंतन शिविर का दूसरा दिन : प्रधानमंत्री के संबोधन से हुआ दूसरे दिन की चर्चा का शुभारंभ

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  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित चिंतन शिविर में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने साइबर अपराध पर चर्चा में रखें महत्वपूर्ण सुझाव, राज्य में हुए सराहनीय कार्यों की दी जानकारी
  • मुख्यमंत्री ने की साइबर अपराधों में अवकाश के दौरान पीड़ित के बैंक खाते ब्लॉक करने के लिए वित्तीय संस्थाओं को निर्देश देने की केंद्र सरकार से मांग

फरीदाबाद, 28 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि साइबर माध्यम से सप्ताहांत या सार्वजनिक अवकाश के दौरान होने वाले आर्थिक अपराधों की शिकायत मिलने पर पीड़ितों के बैंक खातों को त्वरित ब्लॉक करने के लिए केंद्र सरकार बैंकों को निर्देश जारी करें। ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए बैंकों का सिस्टम 24 घंटे सातों दिन एक्टिव रहना चाहिए। वर्तमान समय में अवकाश के दौरान समय पर सूचना मिलने के बावजूद बैंक खाते ब्लॉक नहीं होने पर पीड़ितों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने केंद्र से यह मांग सूरजकुंड में चल रहे दो दिवसीय चिंतन शिविर के दूसरे दिन के पहले सत्र में साइबर अपराध विषय पर आयोजित चर्चा के दौरान अपने संबोधन के दौरान रखी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुए संबोधन से चिंतन शिविर के दूसरे दिन के कार्यक्रम शुभारंभ हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में देश के विभिन्न राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, पुलिस महानिदेशक व अन्य डेलिगेट्स दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश की कानून व्यवस्था व आंतरिक सुरक्षा पर महत्वपूर्ण चर्चा में शामिल हुए। प्रधानमंत्री के संबोधन के उपरांत दो दिवसीय चिंतन शिविर के पहले सत्र में साइबर अपराध विषय पर चर्चा हुई।

मनोहर लाल ने अपने संबोधन में सूचना प्रौद्योगिकी के दौर में साइबर अपराधों के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। हरियाणा सरकार ने इस विषय में आगे बढ़ते हुए राज्य के हर पुलिस थाना में साइबर डेस्क स्थापित किए, 29 नए साइबर पुलिस थाना खोले तथा हेल्पलाइन नंबर 1930 व साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल के माध्यम से भी लोगों को साइबर अपराधों के प्रति निरंतर जागरूक किया जा रहा है। राज्य में साइबर अपराध से संबंधित करीब 46000 शिकायतें प्राप्त हुई है जिनमें 22000 मामलों को सुलझा कर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाया गया। उन्होंने आईटी एक्ट की धारा 70 में संशोधन कर साइबर अपराधों में शिकायतों की जांच के दायरे को विस्तार देने की मांग भी रखी।

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान यह जानकारी भी दी कि केंद्रीय पुलिस बलों के लिए राज्य में 10 केंद्र खोले गए है और तीन नए केंद्र स्थापित करने का कार्य प्रगति पर हैं। केंद्रीय पुलिस बलों के लिए अतिरिक्त ट्रेनिंग या ग्रुप सेंटर खोलने के लिए हरियाणा सरकार जमीन उपलब्ध कराने के लिए भी तैयार है। पुलिस आधुनिकीकरण फंड को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने इस फंड का भरपूर उपयोग किया और समय के साथ अतिरिक्त संसाधनों के लिए हरियाणा को फंड के लिए ए श्रेणी के राज्य में शामिल किया जाए। साथ ही हरियाणा पुलिस के आधुनिकीकरण व आवश्यक संसाधनों के लिए स्पेशल पैकेज भी केंद्र से मिलना चाहिए।

उन्होंने बताया कि नशा तस्करी पर रोक लगाने के लिए राज्य में सुरक्षा एजेंसी ठोस कार्य कर रही है। पड़ोसी देशों के जरिए होने वाली तस्करी पर रोक के लिए साथ लगते अन्य राज्यों के साथ मिलकर सराहनीय कार्य हुआ है। नशा तस्करी में संलिप्त अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने के साथ आॢथक रूप से दंडित करने का कार्य भी किया जा रहा है। हरियाणा में सीसीटीएनएस परियोजना को भी लागू किया गया है। अब इसके लिए बहुभाषी मोबाइल एप भी तैयार होना चाहिए। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए राज्य में 33 नए पुलिस थाने व सब डिविजन स्तर पर 239 हेल्प डेस्क स्थापित किए गए है। महिलाओं को नि:शुल्क कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही महिला हेल्प लाइन को भी डायल 112 से जोड़ा गया है। साइबर अपराध विषय पर आयोजित चर्चा में शामिल प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और हरियाणा में हुए सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की।

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