मतदान से पूर्व ही गावों में पैट्रोलिंग करना करें सुनिश्चित : सीपी विकास अरोड़ा

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– पुलिस पार्टी, सेक्टर ऑफिसर व ड्यूटी मजिस्ट्रेट करें निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार कार्य: जिला निर्वाचन अधिकारी विक्रम सिंह

– सीपी व डीसी ने दिए अधिकारियों को फ्री एण्ड फेयर पंचायत चुनाव सम्पन्न करवाने के लिए दिए दिशा-निर्देश

– सेक्टर ऑफिसर, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस फ्लाइंग स्क्वाड को दी ट्रेनिंग

फरीदाबाद : सीपी विकास अरोड़ा तथा डीसी विक्रम सिंह ने संयुक्त रूप से स्थानीय सेक्टर-12 के कन्वेंशन हाल में पंचायत चुनावों को फ्री एण्ड फेयर चुनाव सम्पन्न करवाने के लिए दिशा-निर्देश दिए।

सीपी विकास अरोड़ा ने कहा कि मतदान से पूर्व ही गावों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी बेहतर तालमेल करके पैट्रोलिंग करना सुनिश्चित करें। पुलिस पार्टी, सैक्टर ऑफिसर व ड्यूटी मजिस्ट्रेट निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार पंचायत चुनावों को बेहतर तरीके से अमलीजामा पहनाने के लिए कार्य करें। सीपी और डीसी ने जिला फरीदाबाद में फ्री एण्ड फेयर पंचायत चुनाव सम्पन्न करवाने सैक्टर ऑफिसर, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस फ्लाइंग स्क्वाड को ट्रेनिंग के जरिए हरियाणा निर्वाचन आयोग द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार दिशा-निर्देश दे रहे थे।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त विक्रम सिंह ने कहा है कि पंचायत चुनाव में सभी पीठासीन अधिकारी व मतदान अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल करके अपने कर्तव्य का निष्ठा के साथ पालन करें। जब तक ये चुनाव संपन्न नहीं हो जाते तब तक ड्यूटी दे रहे कर्मचारी और अधिकारी राज्य चुनाव आयोग के अधीन स्वयं को मानें।

डीसी ने कहा है कि पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव करवाना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस कार्य में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहें और एक-एक बूथ की पोलिंग रिपोर्ट ई-डैशबोर्ड पर भिजवाते रहें। पंचायती राज संस्थाओं के मद्देनजर सेक्टर सुपरवाइजर व जोनल मजिस्ट्रेट की बैठक को संबोधित करते कहा कि जिला के तीनों खंड में 22 नवम्बर को पंचायत समिति व जिला परिषद के लिए और 25 नवम्बर को पंच व सरपंच के लिए पोलिंग होगी।

उन्होंने कहा कि चुनावी ड्यूटी बहुत ही संवेदनशील एवं जिम्मेदारी का कार्य है। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में मतदान केंद्रों का बार-बार दौरा करते रहें। किसी गांव में मतदान धीमा हो रहा है तो शाम को मतदाताओं की संख्या अचानक बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए मतदाताओं को समझाना चाहिए कि 6 बजे के बाद मतदान केंद्र में जो लोग कतार में हैं, केवल उन्हीं को वोट डालने की अनुमति होगी। मतदान समाप्त होने के बाद कोई भी कतार में आकर खड़ा ना हो।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ने कहा कि सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि चुनाव में ड्यूटी लगने उपरांत सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर निर्वाचन आयोग के नियम लागू होते हैं। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि चुनाव ड्यूटी का न केवल निष्पक्षता से निर्वहन करेंगे, अपितु मतदान भी शांतिपूर्ण करवाएंगे। इसके लिए पुलिस दस्तों को पूरा प्रबंध किया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कोई भी ऐसी गतिविधि नहीं होनी चाहिए, जिससे मतदान बाधित हो। सेक्टर सुपरवाइजर व जोनल मजिस्ट्रेट को निर्वाचन आयोग ने हर परिस्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त अधिकार दिए हैं। किसी प्रकार की समस्या नजर आए तो आप अपने अधिकारों का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर खंड में ईवीएम से संबंधित दिक्कत आने पर तकनीकी स्टाफ को दस मिनट में मतदान केंद्र पर भेज दिया जाएगा। सेक्टर सुपरवाइजर इन तकनीकी कर्मचारियों के संपर्क में रहें। अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए सोशल मीडिया का ग्रुप बना दिया गया है।

उपायुक्त ने चुनाव में प्रशासनिक और पुलिस ऑफिसर्स को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव करवाने की पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग की ओर से परिभाषित होती है। उन्हीं नियमों के अनुसार सावधानी से हर एक-एक काम को सहजता से निपटाया जाए तो कोई परेशानी नहीं होती। फिर किसी प्रकार की समस्या कर्मचारियों को मतदान के दौरान आती है तो जिला प्रशासन सहायता के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सभी मतदान कर्मचारी व अधिकारी अपने एरिया के सेक्टर सुपरवाइजर और जोनल मजिस्ट्रेट का नंबर आपस में साँझा अवश्य करके रखे। उन्होंने कहा कि हर अधिकारी को यह ज्ञात होना चाहिए कि मतदान केंद्र पर उसे शांतिपूर्ण चुनाव करवाने के लिए क्या-क्या शक्तियां प्राप्त हैं। हर एक बूथ की मदद के लिए प्रशासन का पूरा तंत्र काम कर रहा होता है। इसलिए किसी भी परिस्थिति से घबराने की या तैश में आने की आवश्यकता नहीं है। चुनाव में हर एक कर्मचारी निष्पक्षता से अपनी ड्यूटी को निभाएं। किसी भी उम्मीदवार या राजनैतिक दल के प्रभाव में आकर या व्यक्तिगत अपेक्षाओं की वजह से काम ना करें। इससे कर्मचारी की चुनाव आयोग के पास शिकायत भेजी जा सकती है। जिसका जिम्मेदार वह स्वयं होगा।

मास्टर ट्रेनर ने कर्मचारियों को बैलेट पेपर डलवाना, ईवीएम से वोट डलवाना, मॉक पोल करवाना, टेंडर वोट डलवाना, ईवीएम को सील करना, उसे खोलना आदि के बारे में विस्तार से समझाया।

ट्रेनिंग के दौरान एडीसी अपराजिता, एसडीएम फरीदाबाद परमजीत चहल, एसडीएम बल्लभगढ़ त्रिलोक चंद, एसडीएम बड़खल पंकज सेतिया, सीईओ जिला परिषद सुमन भाकर, डीडीपीओ राकेश मोर, सीटीएम अमित मान, एसीपी महेन्द्र वर्मा, एसीपी नरेन्द्र कादियान सहित पंचायत चुनाव में लगे विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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