मनस्कृति में बाल दिवस पर साहित्यिक उत्सव – पिटारा का आगाज

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  • जर्सी फिल्म फेम रोनित कामरा ने बढ़ाया बच्चों का जोश
  • कई राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर के कहानीकारों ने बच्चों को सुनाईं कहानियां

फरीदाबाद, 14 नवम्बर : मनस्कृति स्कूल ग्रेटर फरीदाबाद में बाल दिवस पर तीसरी बार साहित्यिक उत्सव-पिटारा 2022 धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर कई राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर के कहानीकारों ने बच्चों को जब निराले अंदाज में कहानियां सुनाईं तो बच्चे मंत्र-मुगध हो गए। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में तिगांव के विधायक राजेश नागर व फरीदाबाद के विधायक नरेंद्र गुप्ता, सिद्धार्थ कौल, अध्यक्ष एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेज मौजूद रहे जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में बच्चों में जोश भरने जर्सी फिल्म में शादिह कपूर के बेटे किट्टू का किरदार निभाने वाले बाल कलाकार रोनित कामरा ने शिरकत की। इस मौके पर बुक स्टॉल्स लगाई गईं जिसमें हर तरह की किताबों का समावेश देख बच्चे व अभिभावक गदगद नजर आए। उत्सव की अध्यक्षता स्कूल की ट्रस्टी इन्दिरा लोहिया व निदेशिका मनीषा गुप्ता ने की जबकि कार्यक्रम की संयोजक प्रिंसीपल ज्योति भल्ला रहीं।

इस मौके पर ख्याति प्राप्त गीता रामानुजन मास्टर कहानीकार और कथालय की संस्थापक, सीमा वाही मुखर्जी, उषा छाबड़ा, शेरिन मैथ्यूज, स्वेचा के अलावा शालिनी वी. बंसल और रितुपर्णा घोष आदि ने बच्चों को कहानियां सुनाईं। वहीं इस मौके पर लेखक नम्रता जैन, चित्रकार और डिजाइनर तरणबीर सिंह साहनी और महेश एफ भट्टाचार्य लेखक नेहरू एंड द स्पिरिट ऑफ इंडिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पुस्तक मेला, नृत्य, संगीत, मिट्टी के बर्तन बनाने की कला, डूडलिंग, कठपुतली, ब्लॉक प्रिंटिंग और मधुबनी पेंटिंग के अलावा मयूर पटेल और एलीशा डीप के राष्ट्रीय नृत्य समूह द्वारा प्रस्तुति का आयोजन भी किया गया। इस मौके पर विधायक राजेश नागर व विधायक नरेंद्र गुप्ता ने स्कूल द्वारा बच्चों को किताबों व कहानियों के प्रति प्रोत्साहित करने के कदम की मुक्त कंठ से सराहना की और कहा कि वे भी आज यहां के वातावरण को देखकर अपने बचपन की यादें ताजा करने पर विवश हो गए हैं।

वहीं स्कूल की ट्रस्टी इन्दिरा लोहिया व निदेशिका मनीषा गुप्ता ने कहा कि साहित्य किसी राष्ट्र के बौद्धिक जीवन का व्यापक सार हैं। किताबें जहां सबसे अच्छी दोस्त हैं वहीं कहानियां कभी बचपन को जीवन से जाने नहीं देती। इसलिए स्कूल यह उत्सव आयोजित करता है। वहीं प्रिंसीपल ज्योति भल्ला ने कहा कि वे चाहती हैं कि हरियाणा सरकार इस पर पहल करे और पूरे हरियाणा में इस तरह का राज्य स्तर पर लिटरेचर फेस्टिवल आयोजित हो ताकि बच्चों की कहानियों व किताबों में रुचि को जीवंत रखा जा सके।

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