जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग छात्रों के लिए इंडक्शन प्रोग्राम प्रारंभ

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  • विश्वविद्यालय की शिक्षण-अध्ययन व्यवस्था विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहायकः प्रो. एस.के. तोमर
  • कहा – शिक्षा के साथ-साथ कौशल, नवाचार और अनुसंधान पर विशेष ध्यान

फरीदाबाद, 14 नवम्बर – जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 में दाखिला लेने वाले नये इंजीनियरिंग छात्रों के लिए एक सप्ताह का इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया है। विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग विषयों में विभिन्न स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश पाने वाले 800 से अधिक प्रथम वर्ष के विद्यार्थी इंडक्शन कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे है। कार्यक्रम का आयोजन डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर के कार्यालय द्वारा किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर ने पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके उपरांत सरस्वती वंदना और विश्वविद्यालय कुलगीत का गायन किया हुआ। अपने संबोधन में कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर ने दाखिला लेने वाले नये छात्रों का स्वागत किया और उन्हें विश्वविद्यालय में विभिन्न शिक्षण-अध्ययन और अनुसंधान सुविधाओं से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की कौशल, नवाचार और शोध-उन्मुख शिक्षण-अध्ययन प्रणाली विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहायक है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए छात्र-केंद्रित शिक्षा और जरूरी कौशल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने छात्रों को अनुशासित रहते हुए विश्वविद्यालय की सुविधाओं बेहतर उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ कौशल, नवाचार और अनुसंधान पर विशेष ध्यान दे रहा है।
प्रॉक्टर तथा चीफ हॉस्टल वार्डन प्रो. मुनीश वशिष्ठ ने हॉस्टल, मेस और कैंटीन सुविधाओं के बारे में बताया और नये छात्रों को विश्वविद्यालय के नियमों तथा एंटी-रैगिंग नीति से अवगत करवाया।

डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. लखविंदर सिंह और डिप्टी डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) डॉ. अनुराधा पिल्लई ने विभिन्न छात्र क्लबों की गतिविधियों पर संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण दिया और नये छात्रों को उनके क्लब गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।

डिप्टी डीन (छात्र गतिविधि) डॉ. हरीश कुमार ने नये छात्रों को विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं तथा छात्र कल्याण कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी और छात्रों को इन योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उठाने की प्रक्रिया से अवगत कराया। निदेशक (युवा मामले) प्रो. प्रदीप डिमरी ने सार्वभौमिक मानवीय मूल्य पर व्याख्यान दिया और समग्र मूल्य आधारित शिक्षा प्रणाली में सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को विश्वविद्यालय की पाठ्येतर गतिविधियों और विश्वविद्यालय पुस्तकालय, स्वास्थ्य केंद्र, कंप्यूटर केंद्र और इंक्यूबेशन सेंटर में उपलब्ध सुविधाओं से भी परिचित कराया गया। शैक्षणिक शाखा, परीक्षा शाखा, रोजगार एवं नियोजन कार्यालय, विश्वविद्यालय पुस्तकालय के प्रतिनिधियों द्वारा भी कार्यक्रम में प्रस्तुतीकरण दिया गया।

यूनिवर्सिटी कंप्यूटर सेंटर और डिजिटल मामलों की निदेशक डॉ. नीलम दूहन ने छात्रों को डीएलएमएस पोर्टल और मूक्स पाठ्यक्रम क्रेडिट नीति सहित विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न डिजिटल शिक्षण पहलों के बारे में जानकारी दी। अंत में छात्रों के लिए योग सत्र का भी आयोजन किया गया।

उल्लेखनीय है कि देश में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए गुणवत्ता उपायों के रूप में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् द्वारा अनिवार्य इंडक्शन प्रोग्राम लागू किया गया है, जिसके तहत परिषद् द्वारा मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग संस्थानों में अंडरग्रेजुएट विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन अनिवार्य है। इस कार्यक्रम का आयोजन शिक्षण संस्थान द्वारा अकादमिक सत्र के पहले सप्ताह के दौरान किया जाता है।

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