75 साल बाद देश को मिली पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति : गोपाल शर्मा

51 Views
  • भाजपा कार्यकर्ताओं ने श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की जीत पर मनाया जश्न

फरीदाबाद : भारतीय जनता पार्टी ज़िला फ़रीदाबाद के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति चुनाव में जीत पर ख़ुशी मनाते हुए ढोल नगाड़ों के साथ मिठाई बाँटी। जिला फरीदाबाद के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फरीदाबाद के सभी मंडलों में जीत का जश्न मानते हुए ढोल नगाड़ों के साथ मिठाई खिलाकर लोगों का मुंह मीठा कराया और नाच गाकर जीत की ख़ुशी मनाई।

भाजपा ज़िला अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने ज़िला कार्यकारिणी सदस्य टिपरचंद शर्मा और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बल्लभगढ़ विधानसभा में घर घर जाकर मिठाई बाँटकर श्रीमति मुर्मू की जीत पर ख़ुशी ज़ाहिर की। भाजपा ज़िला कार्यालय अटल कमल पर जिला महामंत्री मूलचंद मित्तल और आर एन सिंह ने ज़िला मीडिया प्रभारी विनोद गुप्ता, कार्यलय सचिव सचिन गुप्ता, अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष लाजर रंजीत सिंह और अजरौंदा मंडल के महामंत्री संदीप बंसल और मंडल के कार्यकर्ताओं के साथ ढोल की थाप पर नाचते हुए और मिठाई खिलाकर अपनी ख़ुशी का इज़हार किया।

गोपाल शर्मा ने जीत के इस अवसर पर कहा कि एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने अपने पूरे जीवन में अपने समाज के उत्थान के लिए संघर्ष किया और अपना पूरा जीवन देश और समाज की सेवा में लगा दिया। समाज और देश की सेवा के पथ के बीच अपनों का साथ छुटता चला गया। अपने बच्चों और पति की मौत के बाद भी श्रीमती मुर्मू डगमगाई नहीं बल्कि अपने जीवन का एक एक पल अपने समाज की सेवा में झोंक दिया। श्री मति मुर्मू का एक समाजसेवक और पार्षद से देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचना, भारत में मजबूत लोकतंत्र का अनूठा उदाहरण है।

आज़ादी के बाद देश के जनजाति व आदिवासी समाज से पहली महिला राष्ट्रपति चुनी गई हैं, यह प्रधानमंत्री श्री मोदी का पिछड़ों के उत्थान के प्रति समर्पण को दर्शाता है। श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी गांव, गरीब, वंचितों के साथ-साथ झुग्गी-झोपड़ियों में भी लोक कल्याण के लिए सक्रिय रहीं हैं। आज वे उनके बीच से निकल कर सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँची हैं, यह भारतीय लोकतंत्र की ताक़त का प्रमाण है। गोपाल शर्मा ने श्रीमती मुर्मू को जीत की बधाई दी।

जिला महामंत्री मूलचंद मित्तल ने जिला कार्यलय पर जश्न मनाते हुए कहा कि हम सबके लिए हर्ष का विषय है श्रीमती मुर्मू ने विपक्षी उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराकर आदिवासी समाज से पहली राष्ट्रपति बनने का इतिहास रचा है।

श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का भारत के 15वे राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित होना हम सभी देशवासियों के लिए गौरव की बात है। यह जीत ऐतिहासिक है क्योंकि सभी जातीय क्षेत्रीय राजनीतिक मतभेदों से उठकर उनके पक्ष में मतदान हुआ। राष्ट्रपति पद के लिए श्रीमती मुर्मू के नाम चयन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए कहा कि मोदी पिछड़ों दलितों और वंचितों के मसीहा है और उनके उत्थान में दिनरात लगे रहते हैं। श्रीमती मुर्मु की जीत विशेष रूप से भारत के 10 करोड़ आदिवासी तथा 50 प्रतिशत महिला आबादी के लिए हर्ष का विषय है। द्रौपदी मुर्मू के महामहिम का चुनाव जीतने पर देशभर में खुशी का माहौल है। भारत को एक योग्य एवं गरिमामयी राष्ट्रपति मिला है। भारतीय जनता पार्टी जिला फ़रीदाबाद के कार्यकर्ताओं में उत्सव का माहौल है और फ़रीदाबाद के सभी मंडलों में कार्यकर्ताओं, नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने मिठाई बाँटकर ख़ुशी मनाई।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published.