हिमाचल प्रदेश की लोक संस्कृति की समृद्घि की झलक मुख्य चौपाल के मंच पर देखने को मिली

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फरीदाबाद, 5 फरवरी। 34वें सूरजकुंड मेले की थीम स्टेट हिमाचल प्रदेश की लोक संस्कृति की समृद्घि की झलक मुख्य चौपाल के मंच पर रात को देखने को मिली। शिव स्तुति, देवी की उपासना, धार्मिक त्यौहार और सामाजिक सौहार्द की भावना को प्रफुल्लता से कलाकारों ने प्रस्तुत किया। अंतर्राष्टï्रीय स्तर का कला मंच बन चुका सूरजकुंड देश-विदेश से आए लगभग बारह सौ कलाकारों की प्रस्तुतियों से गुंजायमान हो रहा है। गत रात्रि हिमाचल लोक संस्कृति को बड़ी चौपाल के मंच पर दिखाया गया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। उनके साथ हरियाणा आवास बोर्ड के चेयरमैन संदीप जोशी भी मौजूद थे। चौपाल में इस दौरान दर्शकों के लिए पांव रखने के लिए भी स्थान नहीं था। बड़ी संख्या में दर्शक बाहर खड़े रहे। लोकवाद्यों की धुनों पर पहाड़ी प्रदेश के महिला एवं पुरूष कलाकारों ने अपने नृत्य और लोकगीतों की मस्ती से दर्शकों की खूब वाह-वाही लूटी।


हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने इस मौके पर कहा कि  सूरजकुंंड जैसे अंतर्राष्टï्रीय आयोजन की हरियाणा सरकार बरसों से जिम्मेदारी उठा रही है। इसके लिए राज्य सरकार बधाई की पात्र है। आज के समय  पूरे भारत वर्ष में सूरजकुंड जैसा विशाल आयोजन नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि हिमाचल में भी इस प्रकार के मेले लगाने की संभावनाएं मौजूद हैं। पर्यटन उनके राज्य के प्रमुख व्यवसायों में से एक है। विपिन परमार ने कहा कि हिमाचल की संस्कृति काफी गरिमामय और प्रेरणापूर्ण है। प्रेम और अपनापन यहां की कला संस्कृति की लोकधारा है।
हरियाणा आवास बोर्ड के चेयरमैन  संदीप जोशी ने कहा कि राज्य सरकार 1987 से हर साल निर्बाध रूप से सूरजकुंड मेले का आयोजन करती आ रही है। यह मेला अब हरियाणा सरकार का गौरव बन चुका है। इस मौके पर हिमाचल राज्य के विधायक, अधिकारी सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे।

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