सामुदायिक हिस्सेदारी के बिना जैव विविधता संवर्धन एवं संरक्षण संभव नहीं : विनीत गर्ग

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  • अमृत सरोवर के जीर्णोधार के लिए चलाये जा रहे अभियान में सभी को बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना होगा

फरीदाबाद, 08 अगस्त। जिला स्तरीय जैव विविधता प्रशिक्षण एवं संवर्धन कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा की बिना सामुदायिक हिस्सेदारी के बिना जैव विविधता संरक्षण एवं संवर्धन संभव नहीं है। हरियाणा सरकार द्वारा अमृत सरोवर के जीर्णोधार के लिए चलाये जा रहे अभियान में सभी को बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना होगा। श्री गर्ग ने कहा की सरोवर के तटों पर धार्मिक और औषधीय महत्व के पौधों का केवल पौधारोपण ही नहीं करना होगा बल्कि उनकी रक्षा करते हुए उन्हें वृक्ष बनाना होगा। इस अवसर पर इन्होने कहा की फरीदाबाद औद्योगिक शहर है, इसलिए औद्योगिक इकाइयों और उनके प्रबंधकों को प्रेरित करके जैव विविधता संरक्षण में सहभागी बनाना होगा। उन्होंने कहा की जलवायु परिवर्तन के दौर में और कोविड जैसी महामारी से जीवन रक्षा में प्राण वायु देवता ही जीवन का आधार है।

इस अवसर पर उप वन संरक्षक फरीदाबाद दीपक पाटिल, आई एफ एस ने कहा की फरीदाबाद ब्रज क्षेत्र है और इस ब्रज क्षेत्र की संस्कृति प्रकृति के दुलारे देवता वासुदेव कृष्णा से जुड़ी है। इसलिए फरीदाबाद में निर्मित हो रहे सरोवरों के तट पर हम बड, पिलखन, पीपल के अलावा कदम्ब की प्रजाति के पौधे भी रोप रहे हैं। श्री पाटिल ने कहा की प्रकृति साक्षात् ईश्वर का रूप है। इसे संवारना मनुष्य का नैसर्गिक दायित्व है। इस अवसर पर कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, बागवानी विभाग, एवं एनिमल हैस्बेन्डरी अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कृषि और मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने जैविक खेती को बढ़ावा देने और कृषि में रासयनिक खाद और कीटनाशक का प्रयोग बंद करने सुझाव दिए।

जैव विविधता प्रशिक्षण शिविर का संयोजन और संचालन रुपाली राय जिला समन्वयक फरीदाबाद ने करते हुए कहा की जैव विविधता संरक्षण केवल सरकारी कार्य नहीं अपितु नागरिक दायित्व है।

जैव विविधता संरक्षण की माध्यम बनी किताबे

एन बी टी द्वारा वन विभाग हरियाणा हरियाणा सरकार के माध्यम से प्रकृति संस्कार यात्रा 2022 के तहत पर्यावरण साहित्य से सजी किताबों की दुनिया फरीदाबाद पहुंची जिनका फीता काट कर विनीत गर्ग, आई ऍफ़ एस, अध्यक्ष जैव विविधता बोर्ड हरियाणा ने उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में किताबों का अवलोकन करने के बाद उन्होंने कहा की ये किताबें नयी पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ने की सकारात्मक पहल है। इस ज्ञान रथ में प्रयावरण प्रहरी, तालाब आज भी खड़े हैं, हमारा पर्यावरण, भारत की नदियां जैसी पुस्तके लोंगो के आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रदर्शनी वाहन के इंचार्ज रोहित डागर ने कहा इस पुस्तक प्रदर्शनी वाहन को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी ने 73वें वन महोत्सव के अवसर पर 19 जुलाई को सरस्वती वन विहार कुरुक्षेत्र से रवाना किया था यह ज्ञान रथ सभी जिलो से भ्रमण करते हुए फरीदाबाद पहुंचा है। यह यात्रा 19 अगस्त 2022 को समाप्त हो जाएगी।

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