श्री दुर्गा पूजा समारोह के दूसरे दिन महासप्तमी माता की विशेष पूजा-अर्चना की गई

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फरीदाबाद, 5 अक्टूबर। सेक्टर 34 के अशोका एंक्लेव पार्ट-1 में सर्वजनीन दुर्गा पूजा समिति द्वारा श्री दुर्गा पूजा समारोह के दूसरे दिन महासप्तमी माता की विशेष पूजा-अर्चना की गई। यह समारोह 8 अक्टूबर तक चलेगा। कार्यक्रम में सेक्टरवासी बढ़चढक़र भाग ले रहे हैं। दुर्गा पूजा अनीति, अत्याचार व तामसिक प्रवृत्तियों के नाश के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष जयंत सेन, सचिव लींकन देव, कोषाध्यक्ष शेखर पाठक, प्रशांती शी, संयोजक सचिव राजीव पबरेजा तथा इंटीरियर डिजाइनर आदित्य मुखर्जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
आयोजकों के मुताबिक पूजा का अर्थ आराधना है और दुर्गा पूजा बंगाली पंचांग के छठे माह अश्विन में बढ़ते चन्द्रमा की छठी तिथि से मनाया जाता है तथापि कभी-कभी सौर माह में चन्द्र चक्र के आपेक्षिक परिवर्तन के कारण इसके बाद वाले माह कार्मिक में भी मनाया जाता है। रामायण में भी भगवान राम लंकापति रावण से युद्ध के दौरान देवी दुर्गा को आह्वान करते हैं। यद्यपि उन्हें पारंपरिक रूप से वसंत के समय पूजा जाता था। युद्ध की आकस्मिकता के कारण, राम ने देवी दुर्गा का शीतकाल में अकाल बोधन आह्वान किया।
इस मौके पर समिति के अध्यक्ष जयंत सेन ने कहा कि दुर्गा पूजा को वास्तव में शक्ति पाने की इच्छा से मनाया जाता है जिससे विश्व की बुराइयों का अंत किया जा सके। उन्होंने कहा कि हर पर्व और त्योहार का मनुष्य के जीवन में अपना विशेष महत्व होता है, क्योंकि इनसे न केवल विशेष प्रकार के आनंद की प्राप्ति होती है बल्कि जीवन में उत्साह एवं नव ऊर्जा का संचार भी होता है।

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