राष्ट्रीय पोषक सप्ताह-भोजन में सभी पोषक तत्वों को सम्मिलित करें : प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा

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फरीदाबाद : शिक्षा विभाग के आदेशानुसार राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एन एच तीन फरीदाबाद की सैंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड, जूनियर रेडक्रॉस और गाइडस ने मिलकर प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय पोषक सप्ताह के अंतर्गत बालिकाओं के अच्छे स्वास्थ्य के लिए कार्यक्रम आयोजित किया। जूनियर रेडक्रॉस और ब्रिगेड अधिकारी एवम् प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि पोषण एक मूलभूत मानवीय आवश्यकता है और स्वस्थ जीवन जीने के लिए आवश्यक है। एक संतुलित आहार ग्रोथ, विकास और सक्रिय जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। यह विज्ञान है जिसके माध्यम से हमें पता चलता है कि खाने के सभी घटकों और पर्याप्त पोषण को कैसे प्राप्त किया जा सकता है।

रविंद्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का थीम ‘प्रारंभ से ही स्मार्ट तरीके से खाएं’ सरकार ने सेमिनारों और शिविरों के माध्यम से उचित जानकारी प्रदान करने और जागरूकता बढ़ाने के लिए एक कार्यक्रम स्थापित किया है। यह भारत के प्रत्येक बच्चे और नागरिक को यह ज्ञान प्रदान करने में सहायता करते हैं कि बच्चे जन्म से ही एक अच्छे पोषण आहार से कैसे लाभान्वित हो सकते हैं। हमारे भोजन में सभी पोषक तत्वों का होना बहुत ही आवश्यक है नही तो हम वांछित ऊर्जा से कार्य नहीं कर पाएंगे। देश के अधिकांश हिस्सों में बच्चे कुपोषण के शिकार पैदा होते हैं। वहीं अधिकांश गर्भवती महिलाएं कुपोषण का शिकार होती हैं। इस कारण से इनकी मृत्यु दर ज्यादा रहती है। इस मृत्यु दर को कम करने और लोगों में पोषण की जरूरत बताने के लिए वर्ष 1982 में पहली बार केंद्र सरकार द्वारा इस अभियान की शुरुआत की गई। तब से यह हर वर्ष मनाया जाता है।

प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को भोजन में साबुत एवम् भरपूर अनाज, मौसमी फल, हरी सब्जी, दाल, दूध या दूध के उत्पाद, बादाम आदि सम्मिलित करने चाहिए। राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का लक्ष्य एक स्वस्थ राष्ट्र बनाने का है। देश में एक से सात सितंबर के बीच यह पोषण सप्ताह मनाया जाता है। यह सप्ताह मानव शरीर के लिए सही पोषण के महत्व और भूमिका पर प्रकाश डालता है। आवश्यक पोषक तत्वों और कैलोरी के संयोजन के साथ एक संतुलित आहार मानव शरीर के सुचारू रूप से काम करने और विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

श्री मनचंदा ने बताया कि महिला और बाल विकास मंत्रालय भी आहार और पोषण के संबंध में लोगों के बीच एक सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम की योजना के लिए राज्य सरकारों के साथ समन्वय करती है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से, लोगों को स्तनपान, स्वच्छता , स्वच्छता के लाभों और कुपोषण के बारे में जागरूकता फैलाई जाती है।

प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा, समन्वयक प्राध्यापिका जसनीत कौर, मौलिक मुख्याध्यापिका पूनम, अंशुल, रेखा और सरोज ने पोषक आहार की थाली बनाने वाली छात्राओं की प्रशंसा की। छात्राओं भूमिका, निशा, सिया, सपना और अंजली ने पोषक ग्रीन सलाद की थाली बना कर सभी को भोजन में आवश्यक तत्वों को सम्मिलित करने का आग्रह किया।

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