रक्तदान शिविरों का आयोजन

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फरीदाबाद, 17 जनवरी। जिला रेडक्रॉस सोसायटी फरीदाबाद द्वारा रेडक्रॉस के शताब्दी वर्ष में प्रवेश के अवसर पर दो स्थानों जीटी रोड स्थित महेंद्रा एंड महेंद्रा तथा छांयसा गांव में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया। रक्तदान शिविरों में 100 यूनिट से ज्यादा रक्त एकत्रित किया गया। इसी के साथ स्वास्थ्य शिविरों का भी आयोजन किया गया, जिनमें मरीजों की जांच की गई। छांयसा में लगे शिविर में केयर फाउंडेशन व अपना ब्लड बैंक ने सहयोग किया। इस मौके पर एडवोकेट सुमेर सिंह, समाजसेवी धर्मेद्र ठाकुर, कालूराम सरपंच, व आचार्य संजय पंडित विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं जीटी रोड स्थित महेंद्रा एंड महेंद्रा में शिविर का आयोजन लायनैस क्लब फरीदाबाद सैंट्रल की सहायता से लगाया गया। इसमें लायनैस क्लब फरीदाबाद सेंट्रल की चैप्टर अध्यक्षा वेदकुमारी, पूर्व अध्यक्षा नीरा गोयल, राजिंदर कौर, क्लब अध्यक्षा मीरा ओहरी, क्लब सचिव वीनू दुआ, संयुक्त सचिव रेणु चतरथ विशेष रूप से मौजूद रहीं। इस अवसर पर मुख्यातिथि के रूप में मौजूद रहे रैडक्रॉस सचिव विकास कुमारा ने रक्तदान कर रहे प्रत्येक व्यक्ति का उत्साह बढ़ाया और कहा कि हर व्यक्ति को इस कार्य में खासकर युवाओं को ज्यादा से ज्यादा सहयोग देना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जैसे और युवाओं को भी प्रोत्साहित करें क्योंकि रक्तदान करने से कई जिंदगियां बचाई जा सकती है। बहुत सी बीमारियां में रक्त की आवश्यकता बहुत होती है यदि इस प्रकार के शिविरों में युवा और वह लोग जो रक्तदान करने में समर्थ है अगर रक्त दान करें तो ऐसी कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

एड्स कंट्रोल सोसायटी के अधिकत मोटीवेटर डा. एमपी सिंह ने कहा कि रक्तदान महादान है रक्तदान से बड़ा कोई और दान नहीं है। हमारे द्वारा किया गया एक यूनिट रक्त निश्चित रूप से किसी भी एक व्यक्ति की जान बचाएगा और वो व्यक्ति कौन होगा, कोई भी नहीं जानता है तथा वो व्यक्ति स्वयं व उसका परिवार, सगे संबंधी जीवन पर्यंत रक्तदान करने वाले के लिए शुभ आशीष देंगे।  सह सचिव बिजेंद्र सौरोत ने कहा कि जीवन रूपी इस शरीर को चलाने के लिए जिस रक्त की आवश्यकता होती है उसे केवल इंसान ही बना सकता है, उसका कोई अन्य विकल्प नहीं है लेकिन इस रक्त की कमी को पुरा करने के लिए केवल रक्तदान ही एक रास्ता है। रक्तदान करने से इंसान को किसी भी तरह की कोई शारीरिक अथवा मानसिक कमजोरी नहीं आती है। स्वस्थ इंसान को रक्तदान करने के बाद शरीर को जितने रक्त की आवश्यकता होती है उतनी पूर्ति उसको 48 घंटे में हो जाती है। जिला रेडक्रास शाखा के सहायक सचिव पुरुषोत्तम सैनी ने बताया कि शताब्दी वर्ष में प्रत्येक माह तीसरे शुक्रवार को रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला रैडक्रॉस सोसायटी द्वारा शताब्दी वर्ष में जनवरी माह में जेआरसी वाईआरसी कैंप, नशा मुक्ति पर सेमिनार, सडक़ सुरक्षा बारे जागरूकता, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन तथा स्वच्छता अभियान पर रैलियां निकाली जाएगी। इस तरह से विभिन्न प्रकार के सामाजिक कार्यों को जिला रैडक्रॉस सोसायटी द्वारा करवाए जाएंगे। 

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