मेयर बदलने के चक्कर में पार्षदों की पोल खुली !

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गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 13 दिसंबर। गुरुग्राम नगर निगम के पार्षदों के द्वारा की गई भारी लूटखसोट व किये गए भ्रष्टाचार के मामलों को दबाने के लिए मेयर व दोनों डिप्टी मेयर को हटाने का एक जबरदस्त अभियान कुछ भ्रष्टाचारी पार्षदों ने छेड़ रखा है! पिछले पांच वर्षों में भाजपा सरकार के दौरान गुरुग्राम नगर निगम के पार्षदों ने यहां के सभी इलाकों में काम करवाने के नाम पर बड़ा भारी भ्रष्टाचार किया! बहुत से पार्षदों ने गुरुग्राम के सेक्टरों में कुछ अवैध कालोनियां भी निगम के कुछ भ्रष्टाचारी अफसरों के साथ मिलीभगत करके बनवाई व उसमें इन पार्षदों ने गैरकानूनी तरीके से मोटा धन कमाया! गुरुग्राम के सेक्टर 10 ए का एक मामला इस वक्त गर्माया हुआ है! सेक्टर 10 ए में भाजपा के सत्तासीन नेताओं व पार्षदों की मिलीभगत से एक अवैध कालोनी काटी गई है! सूत्रों के हवाले से मालूम हुआ है कि नगर निगम गुरुग्राम के सफाई कर्मचारियों का एक घोटाला अलग ही प्रकार का है! नगर निगम के अस्थाई कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पिछले काफी दिनों से सरकार से की जा रही है!

इस मामले में हमारे न्यूज पोर्टल ‘‘जनता की आवाज़’’ में भी एक खबर प्रकाशित की गई थी! नगर निगम में कार्यरत जो सभी अस्थाई कर्मचारी हैं उनके बारे में पक्का करने की मांग की खबर प्रकाशित हुई थी! परंतु खोज करने पर एक बहुत ही चौंकाने वाली बात मालूम हुई कि नगर निगम की आउटसोर्स एजेंसी ईको ग्रीन ने पार्षदों व कुछ भ्रष्ट अफसरों की मिलीभगत से बिना कार्यरत लगभग दो हजार की संख्या में लोगों की बायोमैट्रिक हाजरी दिखा कर उनकी अस्थाई तौर पर नियुक्ति दिखाई गई व उनको वेतन दिया दिखाया गया और फर्जी हाजरी लगाने व फर्जी नियुक्ति करवाने के एवज में उन लोगों से भारी पैसा रिश्वत के रूप में लिया गया! यह एक बहुत ही सवेंदनशील मामला है व इस में गहरी जाँच की जरूरत है!

अब सवाल यह उठता है कि जब अधिकांश पार्षदों ने नगर निगम गुरुग्राम में इस प्रकार के बड़े भारी घोटाले कर रखे हो और वे सभी अपने भ्रष्टाचार को दबाने व छिपाने के लिए ही यह राजनैतिक तौर पर मेयर की टीम पर ठीकरा फोड़ते हुए मेयर को हटाने का मुहीम चला रहे हो तो ऐसे में माना जा सकता है कि चोर चोर मौसेरे भाई! भाजपा सरकार में नगर निगम गुरुग्राम के पार्षदों के द्वारा किये गए घोटालों की यहां की जनता पहले तो दबी जुबान से बात करती थी परंतु अब तो गुरुग्राम की जनता खुलेआम बोलती है कि पार्षदों ने दबकर अपना तो विकास किया परंतु गुरुग्राम के वार्डों की गलियों में कोई विकास कार्य नहीं किये!

यहां की जनता को अपने अपने वार्डों के पार्षदों से जबरदस्त शिकायत है! लोगों का कहना है की गली मौहल्लों में हमेशा ही कूड़ा कर्कट के ढ़ेर लगे रहते हैं परंतु पार्षदों के द्वारा सफाई व्यवस्था की समस्या पर कोई भी सुनवाई नहीं की जाती! नगर निगम के पार्षद जो इन दिनों में अधिकारीयों पर समस्याओं की शिकायतों पर कार्यवाही ना करने के आरोप लगा रहे हैं उन आरोपों में सच्चाई नजर नहीं आ रही क्यों कि पिछले दो महीनों से गुरुग्राम की आम जनता गंदगी व कूड़े कर्कट की फोटो सहित जो खबरें सीधे तौर पर निगम के अफसरों को भेज रही हैं उन पर कई जगह सीधे तौर पर निगम की तरफ से कार्यवाही हुई है और उस वार्ड के पार्षद ने उस समस्या के बारे में ना तो गंभीर रूचि दिखाई और ना ही उसको हल करवाया! पार्षदों ने तो सफाई व्यवस्था की दुर्दशा के बारे में जनता व पत्रकारों के द्वारा उठाये जाने वाले मुद्वे को ही समाप्त करने के लिए गुरुग्राम नगर निगम की मेयर टीम को हटाने का ड्रामा छेड़ रखा है ताकि यहां की जनता का ध्यान सफाई व्यवस्था की दुर्दशा की समस्या से हटा कर मेयर टीम की नाकामियों पर लाया जा सके! नगर निगम गुरुग्राम में चल रहे इस राजनैतिक ड्रामे से जनता के सामने यह बात तो साबित हो गई है कि नगर निगम गुरुग्राम में किये गए घोटाले के हमाम में सभी नंगे है! ये तो अब आगे आने वाला समय ही बतायेगा कि भ्रष्टाचार के इस हमाम में सभी नंगों का क्या होता है!

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