माननीय न्यायालयों और कानूनी सेवा प्राधिकरणों की विभिन्न विषयों पर उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी का किया आयोजन

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हरियाणा, 12 अक्टूबर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, हरियाणा, पंजाब, यू.टी. चंडीगढ़ तथा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में माननीय न्यायालयों और कानूनी सेवा प्राधिकरणों की विभिन्न विषयों पर उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी का आयोजन किया। उक्त प्रदर्शनी का उद्घाटन माननीय न्यायमूर्ति रवि शंकर झा, मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण, हरियाणा, पंजाब और यू.टी. चंडीगढ़ द्वारा किया गया।

उपरोक्त प्रदर्शनी राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसरण में आयोजित की गई, जो अखिल भारतीय जागरूकता ’’आजादी का अमृत महोत्सव’’- 02.10.2021 से 14.11.2021 तक छह सप्ताह तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी अभियान का एक हिस्सा है।

यह प्रदर्शनी न्यायिक प्रशासन के 75 साल के इतिहास, न्याय वितरण की प्रक्रिया, पिछले 75 वर्षों में न्याय वितरण प्रणाली की उपलब्धियां, कानूनी सहायता प्रणाली तथा विभिन्न विषयों पर आयोजित की गई ।

माननीय न्यायमूर्ति अजय तिवारी, न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, माननीय न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह, न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, माननीय न्यायमूर्ति रितु बाहरी, न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यूटी चंडीगढ़ तथा माननीय न्यायमूर्ति तेजिंदर सिंह ढींडसा, न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय कानूनी सेवा समिति ने उच्च न्यायालय के अन्य माननीय न्यायाधीशों के साथ अपनी उपस्थिति के साथ इस अवसर की शोभा बढ़ाई।

इसके अलावा, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायिक अधिकारियों, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सदस्यों, वादियों, कर्मचारियों तथा आम जनता आदि द्वारा उक्त प्रदर्शनी का दौरा किया गया।

माननीय न्यायमूर्ति रवि शंकर झा, मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण, हरियाणा, पंजाब और यू.टी. चंडीगढ़ ने 02.10.2021 से अब तक इस अभियान ’’आजादी का अमृत महोत्सव’’ के दौरान आयोजित विभिन्न कानूनी सहायता गतिविधियों पर हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा तैयार एक लघु वीडियो का उद्घाटन किया गया। इन गतिविधियों में प्रभात फेरियाॅ, प्रतियोगिताएं, प्रदर्शनियां, कानूनी सहायता-एवं-कानूनी जागरूकता शिविर, डोर-टू-डोर अभियान, सार्वजनिक स्थानों पर हेल्प-डेस्क, रैलियां, साईक्लोथोन, सम्मान कार्यक्रम, सांस्कृतिक कार्यक्रम, महत्वपूर्ण दिनों के उत्सव, वृक्षारोपण अभियान, चिकित्सा शिविर तथा स्वच्छता अभियान आदि शामिल हैं। ये गतिविधियाँ राज्य/जिला प्रशासन, गैर सरकारी संगठनों और सार्वजनिक एजेंसियों के सहयोग से राज्य की पूरी आबादी तक पहुँचने और उन्हें कवर करने और उन्हें उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित की गईं।

माननीय मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने अखिल भारत जागरूकता अभियान के तहत पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विभिन्न गतिविधियों पर तैयार एक लघु वीडियो का भी उद्घाटन किया।

उक्त प्रदर्शनी के दौरान, छात्र कानूनी साक्षरता मिशन के तहत छात्रों द्वारा बनाए गए चित्रों को समाज में प्रचलित सामाजिक मुद्दों जैसे दहेज, नशीली दवाओं के खतरे, बाल-श्रम, एसिड अटैक, घरेलू-हिंसा, साइबर अपराध आदि के साथ-साथ समाज के विभिन्न कमजोर समूह के अधिकारों का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदर्शित किया गया ।

’’आजादी का अमृत महोत्सव’’ अभियान के तहत हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने 2 अक्टूबर से अब तक तीन बार हरियाणा के सभी गांवों को कानूनी जागरूकता-एवं-कानूनी सहायता शिविरों, सेवा वितरण शिविरों, घर-घर जाकर, प्रतियोगिताओं, रैलियों, प्रदर्शनियों, मोबाइल वैन के माध्यम से जागरूकता अभियानों, सार्वजनिक स्थानों पर कानूनी सहायता सहायता डेस्क आदि के माध्यम से कवर किया है।

22 मेगा सर्विस कैंप और 412 माइक्रो सर्विस कैंप सहित विभिन्न सरकारी विभागों के सहयोग से सेवा वितरण शिविर आयोजित किए गए, जिसमें राज्य भर में 2,32,120 व्यक्ति लाभान्वित हुए।

गांवों में डोर टू डोर दौरा किया गया, जिसके लिए कानूनी सेवा प्राधिकरणों ने 724 टीमों का गठन किया है, जिन्होंने 85,000 से अधिक ग्रामीणों के साथ बातचीत की और उन्हें अपने अधिकारों के बारे में जागरूक किया।

लोगों को कानूनी सेवाओं की अवधारणा के बारे में शिक्षित करने के लिए मेलों में 320 कानूनी सहायता केंद्र स्थापित किए गए।

शिक्षा विभाग, हरियाणा के सहयोग से, हरियाणा के स्कूलों/कॉलेजों में 1840 प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें 2,20,000 से अधिक छात्रों ने भाग लिया।

विधिक सेवा प्राधिकरण भी प्रदर्शनियों के माध्यम से जागरूकता फैला रहे हैं। अब तक कुल 277 प्रदर्शनियाँ आयोजित की जा चुकी हैं।

हरियाणा के विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा ’’सभी के लिए न्याय तक पहुंच’’ के उद्देश्य को पूरा करने और अखिल भारतीय जागरूकता अभियान के माध्यम से हरियाणा के प्रत्येक गांव को कवर करने के लिए कई और गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।

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