भूतपूर्व छात्र विश्वविद्यालय के विकास में दे अपना योगदान : प्रो. दिनेश कुमार

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फरीदाबाद, 22 सितंबर। जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने अपने पहले बैच (1969-1973) का ‘प्रवेश दिवस’ मनाया, जिसे 22 सितंबर, 1969 को तत्कालीन वाईएमसीए इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में शुरू किया गया था। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के एलुमनाई एवं कॉर्पोरेट अफेयर सेल द्वारा पूर्व छात्र संघ ‘मॉब’ के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर संस्थान की सफलता और गौरव के स्वर्ण जयंती उत्सव को मनाने के लिए काफी संख्या में भूतपूर्व विद्यार्थी पहुंचे। इनमें से काफी विद्यार्थी कनाडा, अमेरिका और इटली सहित विदेशों तथा देश के भिन्न हिस्सों से हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे।

भूतपूर्व विद्यार्थियों ने कुलपति प्रो. दिनेश कुमार से भी मुलाकात की तथा विश्वविद्यालय में चल रहे कार्यक्रमों, सुविधाओं तथा भावी योजनाओं की जानकारी ली। भूतपूर्व विद्यार्थियों में कई जाने माने उद्यमी तथा कारपोरेट जगत के बड़े पदाधिकारी शामिल थे। उन्होंने कुलपति के साथ अपने अनुभव साझे किये तथा विश्वविद्यालय को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. एस. के. गर्ग भी उपस्थित थे।

कुलपति प्रो दिनेश कुमार ने भूतपूर्व विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी तथा कहा कि ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर रूप से आयोजित करने की आवश्यकता है ताकि उनका विश्वविद्यालय के प्रति जुड़ाव बना रहे और विश्वविद्यालय को भी लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व छात्र विश्वविद्यालय के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। उन्होंने संस्थान एवं भूतपूर्व छात्रों के बीच जुड़ाव को और अधिक सक्रिय एवं प्रासंगिक बनाने की जरूरत पर बल दिया।

इस अवसर पर बोलते हुए, पूर्व मॉब अध्यक्ष, राज भाटिया ने एलुमनाई एसोसिएशन की गतिविधियों पर एक संक्षिप्त परिचय दिया। उन्होंने कहा कि संस्थान और उसके पूर्व छात्रों के बीच संबंध बनाए रखने तथा परस्पर सहयोग बढ़ाने के लिए वर्ष 1985 में एसोसिएशन की स्थापित की गई थी। वर्तमान में, एसोसिएशन में 5700 से अधिक सदस्य हैं और इसके सदस्यों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। एसोसिएशन द्वारा विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार का निर्माण करवाया गया है, जिसे गोल्डन जुबली गेट के रूप में जाना जायेगा। यह द्वार संस्थान से निकलकर विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले छात्रों की उत्कृष्टता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की स्टार्ट-अप आइडिया को सहयोग देने के लिए विश्वविद्यालय में एक इंक्यूबेशन सेंटर भी स्थापित कर रही है।

इस अवसर पर ‘मॉब’ के संस्थापक अध्यक्ष रमणीक बावा और एसोसिएशन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित थे। कुलपति प्रो. दिनेश कुमार तथा एसोसिएशन के अधिकारियों ने वरिष्ठ भूतपूर्व विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये। इस मौके पर, भूतपूर्व विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में विभिन्न स्थानों का दौरा किया और विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं का अवलोकन किया। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. संजीव गोयल, निदेशक, एलुमनाई एवं कॉर्पोरेट अफेयर सेल ने किया।

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