भाषण नहीं, राशन दो, वेतन दो

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गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 17 अप्रैल। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन के अखिल भारतीय महासचिव तपन सेन ने एक परिपत्र के माध्यम से आह्वान किया है कि 21 अप्रैल को पूरे देश भर में सीटू की सभी राज्य कमेटियां, सभी उद्योगवार फेडरेशनें एवं सीटू के सभी पदाधिकारीगण अखिल भारतीय विरोध दिवस का अपने-अपने स्थान पर आयोजन करेंगे! कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन के चलते भाजपा सरकार मजदूरों खासकर असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, प्रवासी मजदूरों, ठेका मजदूरों आदि के दुखों के प्रति पूरी तरह से उदासीन और असंवेदनशील रही है! यहां तक कि 3 मई तक लॉक डाउन के विस्तार की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री इन मजदूरों की दुर्दशा का जिक्र करने में भी विफल रहे! प्रधानमंत्री पर्याप्त वित्तीय संशाधन उपलब्ध कराने के बजाय केवल शब्दों और प्रवचनों तक ही सीमित रहे! इसी दौरान भारत सरकार के द्वारा मजदूरों से प्रतिदिन 8 से बढ़ा कर 12 घंटे काम करने जैसे मजदूर विरोधी प्रावधान को लागू करने वाले श्रम सहिंता को आगे बढ़ाने का कार्य किया गया जो कि मजदूरों के लिए घातक है!

लॉक डाउन के तहत मजदूर वर्ग के प्रति सरकारी उदासीनता, विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए प्रवासी मजदूरों के सामने आने वाली गंभीर कठिनाइयों के प्रति क्रूरतापूर्ण असंवेदनशील व लॉक डाउन की वजह से होने वाली भारी आर्थिक मंदी के कारण मजदूरों की छंटनी, वेतन में कटौती और मजदूरों तथा कर्मचारियों के एक बड़े तबके को वेतन का भुगतान न करने जिन में पत्रकार, आईटी/ आईटीईएस कर्मचारी, ठेका/कैजुअल और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की रोजी रोटी खतरे में होने के कारण 21 अप्रैल को यह विरोध दिवस आयोजित किया जायेगा! 21 अप्रैल को लॉक डाउन के कारण बाधाओं को ध्यान में रखते हुए 10 मिनट के लिए अपने अपने स्थान पर बर्तन बजाते हुए भाषण नहीं राशन दो वेतन दो के नारों के साथ विरोध दिवस का आयोजन होगा!

इस बारे में जब सीटू राज्य कमेटी हरियाणा की प्रधान सुरेखा एवं महासचिव जय भगवान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल को दोपहर 12 बजे 10 मिनट के लिए रोटी रोजगार के अधिकार के मुद्दे पर बर्तन बजाओ आंदोलन किया जायेगा जिसके तहत संगठन के कार्यकर्ता व मजदूर वर्ग अपने अपने घरों व कार्यस्थल पर 10 मिनट के लिए खाली बर्तन थाली, कटोरी चमच वगैरा बजा कर भारत सरकार के प्रति अपना विरोध प्रदर्शित करेंगे! आगे उन्होंने बताया कि संगठन की तरफ से मांग है कि लॉक डाउन के दौरान सब के लिए राशन की गारंटी करो! वेतन और रोजगार का प्रबंध करो तथा सरकार से मांग है कि सब के लिए फ्री चिकित्सा की गारंटी करो एवं सामाजिक सुरक्षा का प्रबंध करो! संगठन का कहना है कि सरकार की तरफ से अभी तक गरीब व मजदूर वर्ग को लॉक डाउन के तहत सूखा राशन वितरित करने की कोई सुचारु रूप से प्रबंध नहीं किये गये! केवल कुछ सामाजिक संस्थायें ही सहयोग कर रही हैं! साथ में ही मांग की गई है कि लॉक डाउन की वजह से जो आर्थिक संकट आया है उस को देखते हुए सभी गैर आयकरदाता परिवारों के लिए तुरंत 7500/- रूपये का नकद हस्तांतरण किया जाये!

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