भकियू ने दिया कृषिमंत्री को अल्टीमेटम, मांगे पूरी नहीं तो देश भर में आंदोलन

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फरीदाबाद। भारतीय किसान यूनियन (अ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. ऋषिपाल अम्बावता के आह्वान पर देश भर के किसान देश की राजधानी नई दिल्ली में जन्तर-मन्तर पर एकत्रित हुए। उनका जोश और उत्साह देखने योग्य था। भाकियू ने किसान बचाओ-देश बचाओ रैली का आयोजन देशभर के किसानों की प्रमुख पांच मांगों को लेकर किया। रैली में किसानों ने केन्द्र की भाजपा सरकार पर मनमानी करने, और किसानों की मांगों का न मानने का आरोप लगाया। तथा सरकार को चेतावनी देते हुए अल्टीमेटम दिया कि यदि जल्द किसानों की मांगे नहीं मानी तो पूरे देश में आंदोलन किए जाएंगे।

रैली में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. ऋषिपाल अम्बावता ने 20 राज्यों के किसान संगठनों के प्रतिनिधि और भाकियू के 15 राज्यों के देश एवं प्रदेशस्तरीय पदाधिकारी के साथ केन्द्रीय कृषिमंत्री नरेन्द्र सिंह तौमर को किसानों की प्रमुख 5 मांगों का लिखित ज्ञापन सौंपा। इन मांगों में 1. देश का किसान कर्जा मुक्त हो, 2. स्वामी नाथन आयोग रिर्पाेट सी-2 के आधार पर लागू हो, 3. किसान आयोग का गठन, 4. किसान को बिजली कनेक्शन मुफ्त और बैंक लोन पर सब्सीडी मिले, 5. किसान बुढापा पेंशन 5 हजार रू पये, और गन्ने का भुगतान 4 सौ रूपऐ के हिसाब से तुरंत हो। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, राष्ट्रीय राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलविन्द्र ङ्क्षसह बाजवा, सचिव खडग सिंह सीकरी, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष शमशेर सिंह दहिया, दिल्ली के सुरेश छिल्लर, गुजरात के रवि पटेल, राजस्थान के चौ. बनै सिंह, एम.पी के सुबोध पांडे, उत्तराखण्ड के विकास सैनी, महाराष्ट्र के जयवंत पाटिल, आंध्र प्रदेश के मुस्ताक वाजिद अली, बिहार के मुकीन अंसारी, उत्तर प्रदेश के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक नागर, पश्चिमी यूपी प्रदेश अध्यक्ष जग्गी पहलावन, यूवा किसान नेता प्रवीन चौधरी, ऋषिपाल चौहान सहित अनेक राज्यों के प्रधान और जिला अध्यक्ष अपने सैकडों किसानों सहित मौजूद थे। इससे पहले रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अम्बावता ने केन्द्र की भाजपा सरकार की मनमानी एवं किसानों से वादा खिलाफी करने पर, समस्त भारत के किसान संगठनों की ओर से अपनी नारजगी जाहिर करते हुए कहा किसान दिल्ली में आकर धरना देने को मजबूर है। इससे ज्यादा किसान की बदहाली क्या होगी। किन्तु फिर भी केन्द्र की भाजपा सरकार के कान पर जूं तक नहीं रैंगती। उन्होने कहा भाजपा सरकार ने किसानों की मांगे नहीं मानी तो फिर राष्ट्रव्यापाी आंदोलन किया जाएगा।

श्री अम्बावता ने कहा जब तक भारत का किसान लाचार और कर्ज से दुखी होकर आत्म हत्याएं करेगा, तब तक देश आधुनिक होने के बाद भी खुशहाल और समपन्न नहीं होगा। उन्होने केन्द्रीय कृषिमंत्री नरेन्द्र ङ्क्षसह तौमर से किसानों की मांगे अति शीर्ष मानने, और उनके सुनहरे भविष्य के लिए गंभीरता से काम करने की अपील की। उन्होने कहा भाजपा 2014 में किसान, और युवाओं के दम पर ही सत्ता में आई थी। उस समय भाजपा ने वायदा किया था कि सत्ता में आते ही भारत के किसानों को कर्ज मुक्त करेगी, गन्ने का समर्थन मूल्य बढाएगी। सुगर मिल से किसानों की पेमेन्ट समय पर करवाएगी। किसानों को बैंक कर्ज आसानी से मिलेगा, मगर भाजपा ने किसानों को न केवल नजर अंदाज किया, बल्कि किसानों की जमीन हडपने का काम किया है।
श्री अम्बावता ने कहा भारत सरकार ने किसानों की मांगे आज तक नहीं मानी। भाकियू ने अनेक बार सरकार को पत्र लिखे हैं, मगर भाजपा के नेता सत्ता के नशे में चूर हैं, और किसानों से मिलते तक नहीं हैं। उन्होने कहा वर्तमान मोदी सरकार किसान विरोधी है। केन्द्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों ने किसानों को केवल झूठे सपने दिखाए हैं। उन्होने कहा प्रधानमंत्री ने नोटबंदी केवल अपने चंद उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचाने के  लिए की थी। इससे देश को भारी नुकसान उठाना पडा है। उन्होने कहा यदि अब भी सरकार नहीं चेती, तो दिल्ली की तरह बिहार, यूपी और समस्त भारत से भाजपा का सूपडा साफ हो जाएगा।

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