नहर में गिरी कार, तीन दोस्त बहे !

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गाजियाबाद ! बरेली से चंडीगढ़ जा रहे चार दोस्तों की स्विफ्ट कार शुक्रवार रात 12.30 बजे एनएच-9 स्थित मसूरी में गंगनहर में गिर गई। हादसे में तीन दोस्त पानी के तेज बहाव में बह गए, जबकि एक युवक को बचा लिया गया। चारों युवक मूलरूप से बरेली के रहने वाले हैं, जो रात में नोएडा रुककर शनिवार को चंडीगढ़ के लिए रवाना होने थे। उधर, तीन लापता दोस्तों को तलाशने के लिए एनडीआरएफ सर्च ऑपरेशन चला रही है। शनिवार सुबह नहर से कार बरामद कर ली गई।

बरेली में बदायूं रोड पर गांव करगैना स्थित बीडीए कॉलोनी में रहने वाले पंकज उर्फ परमवीर (28) डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन) चंडीगढ़ में सिविल ठेकेदार हैं। उनके दोस्त आशीष ध्यानी (30) निवासी कर्मचारी नगर, बिन्नी (29) निवासी पहमलॉन के पास पीलीभीत रोड और संजीव उर्फ मोनू (38) निवासी स्वास्ति अस्पताल के पास गंगानगर भी उनके साथ ठेकेदारी करते हैं। शुक्रवार देर शाम पंकज अपनी स्विफ्ट कार से तीनों दोस्तों के साथ चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए थे। रात अधिक होने के कारण उन्होंने नोएडा में ठहरने की योजना बनाई। लॉकडाउन से पहले आशीष ध्यानी नोएडा में किराए पर रहते थे, जबकि संजीव की बहन भी नोएडा में है। दोनों में से किसी एक स्थान पर रुककर उन्हें शनिवार को चंडीगढ़ के लिए निकलना था।

भटक गए रास्ता : पंकज व उनके दोस्तों ने एनएच-9 होते हुए नोएडा जाने का रूट चुना लेकिन गाजियाबाद के मसूरी में पहुंचने पर एक कार के पीछे-पीछे चलकर वह रास्ता भटक गए। मसूरी फ्लाईओवर पर चढ़ने की बजाय कार सर्विस रोड पर उतार दी। अंडरपास से मुड़ने की बजाय सीधे चलते गए, जिससे कार नहर में जा गिरी। स्विफ्ट कार के आगे जा रही स्कॉर्पियो कार के चालक ने अगले अंडरपास पर ड्यूटी दे रहे पुलिसकर्मियों को घटना के बारे में बताया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने पहुंचकर पंकज को किसी तरह बाहर निकाल लिया, जबकि बाकी तीन दोस्त पानी में बह गए।

दोस्तों की तलाश जारी : मसूरी पुलिस ने रात में निजी गोताखोरों को बुला लिया, जबकि सूचना पर एनडीआरएफ भी पहुंच गई। घंटों की मशक्कत के बाद घटनास्थल से करीब एक किलीमीटर दूर कार को नहर से निकाल लिया गया लेकिन आशीष ध्यानी, संजीव और बिन्नी का कोई पता नहीं चला। वहीं, घटना का पता चलते ही सभी युवकों के परिजन मौके पर पहुंच गए। तीनों लापता दोस्तों के परिजन उनकी सलामती की दुआ करते हुए नहर पटरी पर इधर से उधर चक्कर लगाते रहे।

रिटायर्ड कर्नल का बेटा और पांच बहनों का इकलौता भाई है आशीष : आशीष ध्यानी के पिता वीके ध्यानी रिटायर्ड कर्नल हैं। आशीष पांच बहनों का इकलौता भाई है। घटना का पता लगते ही परिवार में कोहराम मच गया। बिन्नी की पत्नी गर्भवती है। दो माह बाद उसकी पहली डिलीवरी होनी है। संजीव दो भाइयों में छोटा और दो बेटों (8 साल व साढ़े तीन साल) का पिता है। वहीं, पंकज भी दो भाइयों में छोटा और दो बच्चों का पिता है।

पंकज ने हादसे को बयां कर एक लिखित पत्र पुलिस को दिया है, जिसमें उसने घटना संबंधी जानकारी दी है। इस संबंध में अन्य कोई शिकायत पुलिस को नहीं मिली। नहर में बहे तीनों दोस्तों की तलाश में एनडीआरएफ की टीम को लगाया गया है।

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