धर्म का उपदेश देने वाले लाखों करोड़ों साधु बाबा कहां गायब हो गये !

1,117 Views

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 14 अप्रैल। देश में इस वक्त कोरोना जैसे खतरनाक वायरस के चलते लॉक डाउन के तहत मध्यम वर्ग व गरीब कामगार वर्ग को दो वक्त की रोटी का एक गंभीर संकट पैदा हो गया है! ऐसे वक्त में देश में इसी मध्यम वर्ग के सहारे भारी भीड़ जुटाने वाले देश के ये लाखों करोड़ों साधु बाबा कहीं पर नजर नहीं आ रहे! ये सभी साधु बाबा ना जाने कहां छिप गये? कहीं से ये खबर भी नहीं आ रही कि देश के इन करोड़ों साधुओं को कोई कोरोना वायरस हुआ है भी है या नहीं जब कि ये करोड़ों साधु बाबा जीवन में कभी भी सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं करते क्यों कि देश के आश्रमों व डेरों में इन करोड़ों साधुओं को सारा साल बगैर किस काम किये ही हराम की रोटी खाने की आदत पड़ गई है! माफ कीजिये! मुझे मेरी लेखनी से मजबूरन इन बाबाओं के लिए इस दु:ख की घड़ी में सख्त भाषा लिखनी पड़ रही है क्यों कि अब देश के मध्यम वर्ग के सामने एक बहुत बड़ा संकट खड़ा है!

हमेशा हमारे देश में लाखों आश्रमों व मंदिरों में इन करोड़ों साधु बाबाओं का लंगर खाने के लिए भारी जमावड़ा लगा रहता है परंतु इस वक्त इन साधु बाबाओं में एक अजीबोगरीब सन्नाटा है! सरकार के द्वारा भी अपनी किसी राहत योजना में इन करोड़ों साधु बाबाओं के लिए कोई घोषणा नहीं की! देश में किसी को यह भी नहीं पता कि लॉक डाउन के समय देश के हजारों बड़े मंदिरों व आश्रमों तथा डेरों में जो लाखों की तादाद में हिंदू श्रद्वालु व करोड़ों हिंदू साधु बाबा थे उनको लॉक डाउन के तहत मंदिरों व आश्रमों से बाहर निकालने की क्या व्यवस्था की गई थी?

देश की जनता को इस बात की भी जानकारी नहीं दी गई कि देश के हजारों की संख्या में हिंदुओं के बड़े बड़े आश्रमों व डेरों में जो लाखों करोड़ों की संख्या में साधु बाबा रहते हैं उनमें सोशल डिस्टेंस व क्वारेंटाइन की क्या व्यवस्था की गई? इन सब बातों से लगता है कि केवल मध्यम वर्ग व गरीब वर्ग पर ही लॉक डाउन के सारे नियम लादे जा रहे हैं! देश के इन लाखों करोड़ों साधुओं के द्वारा लॉक डाउन के तहत लॉक डाउन के नियमों का पालन हुआ या नहीं हुआ इसका ब्यौरा पूरे विस्तार के साथ सभी भारतवासियों को दिया जाना चाहिए!

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *