तीज-त्योहार महिलाओं के बिना अधूरे हैं : मनोहरलाल

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गुरुग्राम/फरीदाबाद। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति व इतिहास में महिलाओं का स्थान बहुत ऊंचा रहा है। अनेक तीज-त्योहार महिलाओं के बिना अधूरे हैं। हरियाणा सरकार ने महिलाओं के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं व सुविधाएं शुरू की तथा उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाए हैं। मुख्यमंत्री अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गुरूग्राम में आयोजित राज्यस्तरीय पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम के शुभारंभ तथा महिला सम्मान समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सेक्टर-12 स्थित कन्वेंशन सेंटर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में दिखाया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में हरियाणा के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में महिलाओं की रक्षा-सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाया, जिसमें 12 वर्ष की कम आयु की लड़की से रेप मामले में दोषी को मृत्यु दंड देने का प्रावधान करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य था। महिलाओं को सेल्फ डिफेंस के गुर सिखाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। किसी भी खतरे से बचने के लिए दुर्गा शक्ति एप लांच की, जिस पर सूचना देने पर तुरंत महिला को सुरक्षा मुहैया करवाई जाती है। दुर्गा शक्ति वाहिनी के तहत महिलाओं की सुरक्षा के लिए वाहन उपलब्ध करवाए गए तथा महिला थाने खोले गए।  पुलिस विभाग में महिला पुलिस बल की संख्या छह प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत की तथा आगामी 5 वर्षों में इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्ट्रीट लाइटें लगवाई जा रही हैं, ताकि महिलाएं रात के समय में भी सुरक्षित आ-जा सकें। भविष्य में करीब 3.90 लाख और स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। प्रदेश में 2 लाख सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं तथा भविष्य में एक लाख और सीसीटीवी कैमरा लगाए जाएंगे। प्रदेश की बेटियों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए 20 किलोमीटर की परिधि में एक महिला कालेज स्थापित करने की योजना बनाई, जिसके तहत प्रदेश में 40 स्थान चिन्हित किए गए। अब तक 31 स्थानों पर महिला कालेज आरंभ किए जा चुके हैं। जल्द ही भविष्य में अन्य 9 स्थानों पर भी महिला कालेज खोले जाएंगे। अब बेटियों को शिक्षा के लिए 10 किलोमीटर से अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

इसी प्रकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए ही प्रदेश में करीब 131 बसें चलाई जा रही हैं। छोटे रूटों पर छात्रा परिवहन वाहन चलाए जाएंगे। राजनीति में भी महिलाओं को नेतृत्व प्रदान करने के उद्देश्य से पंचायती राज संस्थाओं, स्थानीय शहरी निकायों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है तथा पढ़ी-लिखी पंचायतें व पार्षद बनाए गए, जिसकी बदौलत आज प्रदेश में इन संस्थाओं में महिलाएं 42 प्रतिशत संख्या के साथ नेतृत्व कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि वे एक मोबाइल एप बनाएं, जिस पर महिलाओं के कल्याण की सभी जानकारी उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि अनेक महापुरूषों को आगे बढ़ाने में महिलाएं की बड़ी भूमिका रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 8 मार्च से 22 मार्च तक चलने वाले पोषण पखवाड़े का भी शुभारंभ किया। इस पखवाड़ा के दौरान महिलाओं व बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां व अन्य कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कार्यक्रम में परिवहन मंत्री मूलचन्द शर्मा ने सभी को महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में महिलाएं सभी रूपों में सम्मानीय व पूजनीय हैं। प्राचीन युग से ही भारत में महिलाएं ताकतवर रही हैं। आज के दिन भी विज्ञान, खेल, राजनीति व शिक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में महिलाओं ने देश का नाम विश्व स्तर पर चमकाया है, जिसमें कल्पना चावला, साक्षी मलिक जैसे अनेक नाम हैं। पलवल की बेटी सुषमा स्वराज ने राजनीति की नई ऊंचाइयों को छुआ। मुख्यमंत्री की मेहनत से आज प्रदेश की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। प्रधानमंत्री ने पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत की, जिसके सकारात्मक परिणाम आए तथा आज प्रदेश के लिंगानुपात में काफी सुधार आया और आंकड़ा 923 तक पहंुच गया है। बेटियों के बिना समाज अधूरा है। अतः सभी लोग अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा दें तथा उन्हें आगे बढ़ने के सभी अवसर प्रदान करें।

इस समारोह में परिवहन मंत्री ने शिक्षा, खेल व अन्य क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिसमें सीटीएम बैलीना, एसीपी धारणा यादव, सीडीपीओ मंजू वर्मा, खेल गतिविधियों में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए संगीता, राधा भाटी, सुनीता, संध्या, अम्बिका, अंजलि, यशिका, रिशिका, तम्मना, सुनीता रावत, प्रियंका, पुलिस विभाग में अच्छा कार्य करने वाली एसआई माया, एएसआई मुनेश व सुमन लता, मुख्य सिपाही रेनू व परमजीत कौर तथा सामाजिक कार्यों में सक्रीय भागीदारिता के लिए नीरा गोया, मेघना श्रीवास्तव, मधु भाटिया, आशा सिंह, गीता देवी व सविता, प्रोफेसर सुप्रिया ढांडा शामिल हैं। कार्यक्रम में सिटी मजिस्ट्रेट बलिना ने मुख्यातिथि का स्वागत तथा एसीपी धारणा यादव ने धन्यवाद किया। इस अवसर पर एसडीएम फरीदाबाद अमित कुमार, बल्लबगढ़ के एसडीएम त्रिलोकचंद, उप जिला शिक्षा अधिकारी अनीता शर्मा सहित काफी संख्या में महिलाएं मौजूद रही।

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