जे.सी. बोस विश्वविद्यालय ने शुरू की अंतर्राष्ट्रीय वक्ताओं की संवाद श्रृंखला

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फरीदाबाद, 20 सितम्बर ! अकादमिक, तकनीकी और सांस्कृतिक क्षेत्र में विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का विस्तार करने के लिए उद्देश्य से जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति के लोगों को शैक्षणिक मुद्दों पर अपना दृष्टिकोण साझा करने के लिए आमंत्रित करने के लिए विशेषज्ञ व्याख्यान श्रृंखला की शुरूआत की है। विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय मामले प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। इस पहल के अंतर्गत, जापान के हील टोक्यो संगठन से अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता तथा आरोग्य साधक के रूप में पहचान रखने वाली सुश्री नूपुर तिवारी ने ‘21वीं सदी के युवाओं के लिए आत्म-कायाकल्प तथा आत्मविश्वास की आवश्यकता’ विषय पर तीन दिवसीय विशेषज्ञ व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया। 
व्याख्यान के दौरान, नूपुर तिवारी, जो एक प्रसिद्ध योग विशेषज्ञ और प्रशिक्षक भी हैं, ने तनाव प्रबंधन, आत्म-साक्षात्कार, आत्म-अनुशासन, आत्म-प्रेरणा, काम करने के जापानी तौर-तरीके से अवगत करवाया तथा उन्होंने तनाव पर सत्रों के माध्यम से आत्म-विकास सुदृढ़ करने के लिए टिप्स दिये। नूपुर ने तनाव मक्ति के साथ-साथ जापानी खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों के कौशल विकास तथा परस्पर सहयोग की भावना को बढ़ाने में मदद करने वाले तौर-तरीकों के बारे में भी बताया। 
अपने व्याख्यान को शिक्षा और काम के तनाव से संबंधित बातों पर केन्द्रित करते हुए नूपुर ने विद्यार्थियों को अपनी अनूठी शैली में संबोधित किया, जिससे विद्यार्थियों द्वारा काफी पसंद किया गया। व्याख्यान श्रृंखला में बीटेक और एमटेक के छात्रों ने भाग लिया। सभी सत्र मनोरंजक और ऊर्जा से भरपूर थे और सत्र में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों ने खुद को प्रेरित और आनंदित महसूस किया। 
औपचारिक बातचीत में, नूपुर ने बताया कि वह टोक्यो में अपना हील टोक्यो प्रोजेक्ट चलाती हैं, जहाँ वे कंपनियों, सार्वजनिक स्थानों, विश्वविद्यालय परिसरों और अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों में योग सिखाती हैं, और जापान में विभिन्न स्थानों पर प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क प्रेरक सत्र आयोजित करती हैं।
उन्होंने बताया कि हील टोक्यो जापान और भारत में लोगों की मुख्य समस्याओं जोकि शिक्षा और काम का तनाव है, पर ध्यान केंद्रित करने वाला एक सामाजिक रूप से प्रेरित आंदोलन है और यह तनाव की समस्या को दूर करने का एक अनूठा तरीका है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने छात्रों के लाभ के लिए प्रेरक सत्र आयोजित करने और उनके आत्मविश्वास का निर्माण करने की सुश्री नूपुर तिवारी की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने अंतर्राष्ट्रीय विनिमय कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए अपने अंतर्राष्ट्रीय मामलों के सेल के माध्यम से एक नया अध्याय शुरू किया है और भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। 
तीन दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला को टीईक्यूआईपी-3 द्वारा प्रायोजित और विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय मामले प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित किया गया था। सत्र के आयोजन में टीईक्यूआईपी-3 निदेशक, प्रो. विक्रम सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि डॉ. शिल्पा, डॉ. राजीव साहा, डॉ. ममता कथूरिया, डॉ. सपना तनेजा और श्री उमेश कुमार ने अंतर्राष्ट्रीय मामले प्रकोष्ठ की ओर से इस गतिविधि का सफलतापूर्वक समन्वय किया।

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