जीवाग्राम में आयुर्वेद पढऩे आया फ्रांसीसी दल

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फरीदाबाद 9 अक्टूबर। जीवा आयुर्वेद संस्थान के सैक्टर 89 स्थित जीवाग्राम में फ्रांंसीसी अतिथियों का एक दल 11 दिनों के लिए भारत आया है। ये सभी फ्रांंसीसी अतिथि छात्र ‘एडवांस आयुर्वेद काऊंसिलर कोर्स’ करने के लिए जीवाग्राम में आए हैं। इस दल का नेतृत्व लुडिविन कर रही हैं। यह सर्वप्रचलित है कि स्वास्थ्य धन सबसे अनमोल है। भारतीय संस्कृति में मानव स्वास्थ्य को बहुत महत्ता दी जाती है। भारत में प्राचीन काल से ही आयुर्वेद के द्वारा अनेक असाध्य रोगों का निवारण किया जाता है क्योंकि आयुर्वेद में केवल रोग का इलाज ही नहीं किया जाता बल्कि उसके कारण को जानकर रोग को जड़ से समाप्त किया जाता है। प्राचीन काल से ही भारत में अनेक महान एवं प्रसिद्ध आयुर्वेद के ज्ञाता रहे हैं, जिन्होंने आयुर्वेद के द्वारा अनेक असाध्य रोगों का निवारण किया है। आज भी भारत अपनी आयुर्वेदिक चिकित्सा परंपरा के लिए जाना जाता है। इस परंपरा को जीवा आयुर्वेद संस्थान ने बहुत अधिक प्रोत्साहन दिया है, क्योंकि जीवा आयुर्वेद संस्थान के डायरेक्टर डा. प्रताप चौहान विश्व के अनेक देशों में अपने आयुर्वेद शिविर का आयोजन करते हैं जिससे प्रेरित होकर एवं स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए अनेक विदेशी अतिथि भारत आते हैं और जीवा के आयुर्वेदिक संस्थान आकर आयुर्वेद की शिक्षा पद्धति को जानना और सीखना चाहते हैं। इसी क्रम में यह फ्रांंसीसी भी आने वाले 11 दिनों के लिए आयुर्र्वेंद के अनेक विषयों से अवगत होंगे।

इन विदेशी अतिथियों को उनके कोर्स के दौरान उनकी शारीरिक एवं प्रकृति (वात, पित्त और कफ) के अनुसार भोजन करना सिखाया जाएगा। इन विदेशी छात्रों को आयुर्वेद के प्रमुख विषयों की जानकारी दी जाएगी, जिनमें पंचकर्मा प्रमुख हैं, उन्हें समझाया जाएगा कि पंचकर्मा की योजना कैसे बनाई जाए। पंचकर्मा के द्वारा ही जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, दुर्बल पाचन शक्ति, पंचकर्मा पद्घति के माध्यम से ही कायाकल्प व त्वचा संबंधी रोगों का निवारण एवं बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी विशेष जानकारी दी जाएगी। इस दौरान इन सभी छात्रों को अलग-अलग प्रकार की व्याधियों के विषय में बताया जाएगा व उनके भोजन तथा जीवनशैली एवं उसके निदान के विषय में बताया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें तनाव, उच्च रक्त-चाप, दमा, अत्यधिक मोटापा इत्यादि से निदान के विषय में भी बताया जाएगा। ये सभी आयुर्वेद के विशेष तथ्यों के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे जिनमें अभ्यंगा, शिरोभगंया, शिरोधरा, नस्यानस्ल इत्यादि के विषय में जानेंगे साथ ही बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य की जानकारी भी दी जाएगी। इसके अलावा उनके प्रतिदिन के कार्यक्रम में योगाभ्यास भी शामिल है। योगाचार्य डॉ. अरूण त्यागी योगाभ्यास का प्रशिक्षण देंगे। विदेशी अतिथियों को भारतीय परिधानों में विशेष रूचि होती है अत: सभी छात्र भारतीय परिधानों की खरीदारी भी करेंगे। उन्होंने स्थानीय मंदिरों के भी दर्शन किए। फ्रांंसीसी अतिथियों को आयुर्वेद के माध्यम से शारीरिक कठिनाइयों से लडऩे का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। डॉ. कुलदीप इन सभी अतिथि छात्रों को एडवांस आयुर्वेदिक काऊंसिलर कार्स की जानकारी देंगे तथा डॉ. राहुल त्यागी पंचकर्मा के विषय में जानकारी देंगे। संयोजक के रूप में निधि एवं राजेश इन विदेशी छात्रों का पूरा ध्यान रखेंगे व अन्तर्राष्टï्रीय प्रोजेक्ट हेड काजल चौहान की देखरेख में इस कार्यक्रम का संचालन होगा।

इस अवसर पर जीवाग्राम में अन्तर्राष्टï्रीय प्रोजेक्ट हेड काजल चौहान, डाक्टर कुलदीप, डॉक्टर राहुल त्यागी, योगाचार्य अरूण त्यागी, संयोजक निधि और राजेश उपस्थित थे। इनके अलावा जीवाग्राम के अन्य सदस्यों ने सभी अतिथियों का परंपरागत एवं भव्य स्वागत किया।

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