छुआछात की जा रही है पुर्नस्थापित !

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गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 31 मार्च। हमारे देश में सदियों पहले छुआछात का जो जबरदस्त बोलबाला था वही छुआछात इस वक्त देश में जबरदस्त तेजी से अपना फैलाव करती जा रही है! इस वक्त कोरोना वायरस के चलते लोगों को जो सोशल डिस्टेंस का पाठ पढ़ाया जा रहा है वह एक किस्म से खतरनाक छुआछात का वायरस है! टीवी चैनलों व मोबाईल कंपनियों के माध्यम से सोशल डिस्टेंस रखने के रिकॉर्डिड संदेश दिन भर चलते रहते हैं जिससे इस देश की जनता में एक दूसरे से दूरी बनाये रखने का जबरदस्त भय पैदा कर दिया गया है जो कि छुआछात का एक खतरनाक वायरस है व सालों साल तक एक दूसरे को एक दूसरे से अलग कर देगा!

कोरोना वायरस के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में लॉक डाउन के साथ-साथ लोगों को आपस में सोशल डिस्टेंस बनाकर रखने के जो आदेश दिये हैं उसके कारण बहुत से बुजुर्ग लोगों व छोटे बच्चों को भारी शारीरिक नुकसान का खतरा पैदा हो गया है! सोशल डिस्टेंस व कोरोना वायरस का लोगों के बीच ऐसा डर बैठा दिया गया है कि यदि किसी बुजुर्ग को जरा हल्का सा बुखार या खांसी की शिकायत जो आजकल के मौसम में हर साल होती है, हो जाये तो उसके परिवार वाले उस बुजुर्ग व्यक्ति को या तो एक अलग कमरे में बंद करके पुलिस व एम्बुलेंस को सूचना देकर उस बुजुर्ग को अपने घर से जबरदस्ती उठवा देते हैं या उस बुजुर्ग को धक्के मार कर घर से बाहर निकाल देते हैं! यही स्थिति कल को छोटे बच्चों के साथ भी बन सकती है! डॉक्टरों के अनुसार हल्का बुखार या खांसी की शिकायत होने पर भी इस कोरोना वायरस का भय दिखा कर लोगों को कोरोना का मरीज घोषित कर के कोरोना पीडि़तों की सूचि में डाला जा रहा है! यह एक बेहद गंभीर विषय है! एक बहुत ही एक्सपर्ट डॉक्टर से पता लगा कि कोरोना वायरस के ईलाज का खर्चा मेडिक्लेम से कवर किया जा रहा है जो कि कोरोना वायरस के नाम पर फर्जी केसों के एक महाघोटाले का संकेत भी दे रहा है!

निजी अस्पतालों में कोरोना वायरस की जांच का खर्चा 4500/- रूपये है जब की सरकारी अस्पतालों में जांच फ्री है परंतु आम साधारण जनता व विशेष तौर पर गरीब लोगों को सरकारी जांच में कोरोना वायरस की जांच कराने से इस लिए डर लग रहा है कि जरा हल्का बुखार व खांसी जो इन दिनों में प्राय: प्राय: सभी लोगों को हो जाती है, उसके कारण पुलिस उनको जबरदस्ती उठाकर कोरोना पीडि़त घोषित कर देती है!

बाजारों में लोगों को अपना जरूरी सामान लेने जाते वक्त भी इतना डर व भय बैठा दिया गया है कि किसी व्यक्ति के थोड़ी सी खांसी या छींक आने पर भी दुकानदार और ग्राहक के बीच इस बात के लिए विवाद की संभावना बन जाती है जो कि बेहद खतरनाक बात है!

इस प्रकार का खतरनाक भय फैलाने के पीछे का राज जब ढूंढा गया तो सीधे-सीधे तौर पर भारत की केंद्रीय सरकार व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ही दोष पाया गया! लोगों में यहां तक दहशत फैली हुई है कि जनता में दबी जुबान से चर्चायें जोरों पर हैं कि प्रधानमंत्री ने ही सोशल डिस्टेंस जैसे खतरनाक वायरस के माध्यम से भारतीय परिवारों के बुजुर्गों को अपने ही घरों में छुआछात का जानबूझ कर शिकार बनाकर कोरोना संक्रमित घोषित कर दिया व इस खतरनाक छुआछात के माध्यम से बुजुर्गों को घरों से धक्के मरवा के बाहर निकलवाने की एक गहरी साजिश रच दी!

ऐसी ही एक खतरनाक साजिश की सच्ची घटना का इस खबर में जिक्र किया जा रहा है! गुरुग्राम गोपाल नगर के स्थायी निवासी पूर्व सिविल जज सीता राम जांगड़ा के साथ 21 मार्च को ऐसी ही साजिश भरी घटना घटी! सीता राम जांगड़ा की पुत्रवधु इस वक्त मथुरा की एडिशनल सेशन जज है व सीता राम जांगड़ा कुछ समय मथुरा उनके पास भी आते जाते रहते हैं! 21 मार्च 2020 को सीता राम जांगड़ा मथुरा से आकर गुरुग्राम अशोक विहार फेस..1 में सीता राम मंदिर के सामने अपने चाचा वेद प्रकाश शर्मा के मकान में प्रात: 10 बजे किसी पारिवारिक विवाद में सलाह मशवरा के लिए आये हुए थे! दोपहर 12 बजे अचानक सीता राम जांगड़ा का दामाद वहां आ गया व उनके चाचा वेद प्रकाश शर्मा के साथ मिलकर साजिशन सीता राम जांगड़ा को कोरोना वायरस का मरीज बताकर सीता राम जांगड़ा को एक कमरे में ताला लगाकर बंद कर दिया व पुलिस को फोन कर दिया गया! पुलिस एम्बुलेंस लेकर आई व सीता राम जांगड़ा को एम्बुलेंस में बैठा कर सेक्टर 10 के नागरिक सिविल अस्पताल में जांच के लिए ले जाया गया! अस्पताल में उन्हें शाम तक बैठा कर रखा गया व छोटी मोटी जांच कर के शाम को 7 बजे छोड़ दिया गया! उसके बाद सीता राम जांगड़ा अकेले ही गुरुग्राम बस स्टैंड के पास स्थित गौशाला के राधाकृष्ण मंदिर में आकर ठहरे व अब तक वहीँ पर ठहर कर लोगों के सहयोग से अपने खान पान की व्यवस्था कर रहे हैं!

सीता राम जांगड़ा ने बताया कि उन्हें कोरोना वायरस के नाम पर पुलिस से झूठे तौर पर उठवाया गया व बड़ा भारी उन्हें इस बात का मानसिक आघात लगा! आगे सीता राम जांगड़ा ने बताया कि उन्होंने इस घटना के बाद अपने बेटे, बेटी व पुत्रवधु एडिशनल सेशन जज मथुरा को फोन किया परंतु किसी ने भी फोन नहीं उठाया! जानकारी के अनुसार सीता राम जांगड़ा का बेटा व बेटी दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की वकालत करते हैं व पुत्रवधु मथुरा की एडिशनल सेशन जज है!

यह एक बेहद गंभीर विषय है! कोरोना वायरस और सोशल डिस्टेंस के माध्यम से छुआछात रूपी इस खतरनाक वायरस ने एक बुजुर्ग पिता को साजिशन कोरोना वायरस का मरीज बता कर एवं सोशल डिस्टेंस रूपी छुआछात जैसे खतरनाक वायरस के चक्रव्यूह फंसा कर दर-दर की ठोकरें खाने के लिए पुलिस द्वारा घर से उठवा दिया गया!

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