चाय वाले ने चाय वालों की नहीं ली सुध

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गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 4 जनवरी। गुरुग्राम में हजारों की संख्या में चाय बनाने वाले फुटपाथों व सडक़ों के किनारे खड़े हो कर चाय बना कर लोगों को पिलाते हैं! भरी सर्दी हो या गर्मी व बारिश हो ये चाय वाले सुबह 4 बजे से रात्रि 12 बजे तक लोगों को चाय की सेवा देते हैं! इनमें से कई चाय वालों से जब बात हुई तो उन चाय वालों के दिल में एक जबरदस्त दर्द व पीड़ा थी कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आपको चाय बेचने वाला बताते हैं परंतु मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद आज तक गुरुग्राम के किसी भी चाय वालों के लिए कोई सुविधा नहीं दी! ना ही किसी चाय वाले से मन की बात की और ना ही कभी मोदी ने गुरुग्राम के किसी चाय वाले पर आकर चाय पी!

गुरुग्राम के चाय बेचने वाले हजारों हजारों स्ट्रीट वेंडरों के मन में मोदी के प्रति भारी आक्रोश है! चाय बेचने वालों का कहना है कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक गरीब परिवार व निम्न जाति के घर में पैदा हुए तो उन्हें तो इन गरीब व निम्न वर्ग के चाय बेचने वाले लोगों की सुध लेनी चाहिये! चाय बेचने वालों ने यहां तक प्रतिक्रिया की कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे जैसे ही निम्न जाति व वर्ग से हैं यह तो देश के लिए गर्व की बात है!

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जाति पर बात चली तो बहुत से चाय वालों ने तपाक से उत्तर दिया कि अख़बारों की खबरों से पता लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी गुजरात के एक तेली जाति के परिवार से हैं व वर्ष 2014 में खबरों में चर्चा जोरों पर थी कि प्रधानमंत्री मोदी मोध गांछी तेली जाति से हैं और तेली पुराने समय में शूद्र जाति के समान ही माने गए थे! इस मामले में खोजबीन करने के बाद पता लगा कि वास्तव में ही प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मोध गांछी जाति के परिवार में जन्म लिया है और यह जाति तेली के समान ही निम्न जाति मानी गई है! गुजरात के सोशियोलिजस्ट विधुत जोशी के अनुसार वर्ष 1931 के जातिगत आंकड़ों के अनुसार 40 प्रतिशत गुजराती लोग ओबीसी श्रेणी में डाल दिए गये थे क्यों कि गुजरात में पटेल व राजपूत लोग बड़े जमींदार थे व बाकी जातियां काफी गरीब व निम्न थी!

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भारत सरकार ने दिनांक 15 नवंबर 1997 को एक नोटिफिकेशन के माध्यम से गुजरात की सभी प्रकार की तेली जातियों को जिस में नरेंद्र मोदी की मोध गांछी तेली जाति भी शामिल थी को कानून के सेक्शन 9(2) के तहत पिछड़ा वर्ग में शामिल किया! इसके बाद गुजरात के लिए केंद्रीय ओबीसी लिस्ट में 23 नंबर पर नरेंद्र मोदी की मोध गांछी जाति को दिनांक 4 अप्रैल 2000 के तहत गुजरात में लागू किया गया!

इन सब तथ्यों व सबूतों से प्रमाण मिलता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात की मोध गांछी तेली जाति से हैं जिन्हे बाद में ओबीसी सूची में डाला गया! गुरुग्राम के सभी चाय वालों की मांग है कि उन को स्ट्रीट वेंडिंग एक्ट 2014 के तहत सभी सुविधायें दी जायें ताकि वे सभी गरीब चाय वाले अपने बच्चों का पेट पाल सकें!

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