खुदकुशी के चक्रव्यूह में जनाजा निकला सत्ता का !

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गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 15 सितंबर। इस वक्त देश में भारतीय राजनीति का पतन इस कदर हो चुका है कि किसी व्यक्ति की आत्महत्या के केस को भी यदि अपनी राजनीति का मोहरा बनाकर कोई राजनैतिक पार्टी अपनी सत्ता का लाभ उठाते हुए पूरे देश में एक ऐसा माहौल पैदा कर दे कि आम जनमानस के दिलो दिमाग पर सच्चाई की जगह एक महा झूठ का पर्दा डाल दिया जाये तो फिर आप इस गंदी राजनीति के बारे में क्या सोचेंगे? जरा इस बात पर गंभीरता से विचार करें! इस बात का सवाल देश की सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार से किया जा रहा है और देश की जनता जवाब मांगती है!

फिल्म स्टार सुशांत सिंह राजपूत के द्वारा खुदकुशी करने के मामले में भाजपा व देश के कुछ चाटुकार किस्म के बड़े-बड़े मीडिया चैनलों व पत्रकारों ने मिलीभगत करके इस खुदकुशी के मामले को एक बड़ा राजनैतिक रंग दे दिया! इस राजनैतिक रंग की हवा बिहार में उस समय देखने को मिल गई जब बिहार के पटना में सुशांत सिंह राजपूत की फोटो के साथ भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल के फूल की फोटो लगाकर बिहार भाजपा के कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ के द्वारा लगभग 30 हजार पोस्टर बनवा कर बांटे गये और इन पोस्टरों में सुशांत की फोटो के नीचे राजनैतिक लाभ के उद्देश्य से कमल के फूल के साथ एक नारा ‘ना भूले हैं! ना भूलने देंगे!’ व इस पोस्टर में सब से ऊपर अंग्रेजी में जस्टिस फॉर सुशांत छपवाया गया तो इस बात से पूर्णतया स्पष्ट होता है कि सुशांत सिंह राजपूत की खुदकुशी के मामले को एक बड़े ही सुनियोजित तरीके से भाजपा के द्वारा लगभग ढाई महीने तक मीडिया चैनलों के माध्यम से बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए खबरों की सुखिऱ्यों में बनाये रखा गया!

सुशांत सिंह राजपूत की ख़ुदकुशी के केस को पूर्णतया राजनैतिक रंग देने की साजिश के मामले जब गहरी छानबीन की गई तो मालूम हुआ कि सुशांत सिंह राजपूत के करीबी दोस्त संदीप सिंह के भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ घनिष्ठ संबंध हैं और इन संबंधों को इस खबर के साथ लगाई गई दो फोटो बेनकाब कर रहीं हैं! एक फोटो में संदीप सिंह गृहमंत्री अमित शाह के साथ है व दूसरी फोटो में संदीप सिंह केंद्रीय मंत्री नितिन गडक़री के साथ एक प्रैस वार्ता में है! इन दोनों फोटो से यह साबित हो जाता है कि सुशांत सिंह राजपूत की खुदकुशी के मामले को उनके करीबी दोस्त संदीप सिंह की एक गहरी साजिश की योजना के तहत एक महा घटिया व गंदी राजनीति का रंग देने के लिए भारतीय जनता पार्टी का पूरा-पूरा आशीर्वाद है!

भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ अपने अच्छे संबंधों के चलते ही सुशांत के करीबी दोस्त संदीप सिंह ने अपनी घाटे में चल रही कंपनी लीजेंड ग्लोबल के लिए गुजरात की भाजपा सरकार के साथ वाइब्रेंट गुजरात-2019 अभियान के तहत 177 करोड़ रूपये का एक कॉन्ट्रक्ट लिया और इसका एमओयू गुजरात की भाजपा सरकार ने अमित शाह व नितिन गडक़री के साथ संदीप सिंह के अच्छे संबंधों के कारण संदीप सिंह की घाटे वाली कंपनी के साथ किया!

यह एक बेहद चौंकाने वाला तथ्य है कि सुशांत सिंह राजपूत के करीबी दोस्त संदीप सिंह की कंपनी जब 6 लाख रूपये घाटे में चल रही थी तो भाजपा की गुजरात सरकार ने इस घाटे वाली कंपनी के साथ एमओयू क्यों साइन किया और भाजपा सरकार से यह भी सवाल है कि गुजरात के किसी गरीब पारंपरिक कलाकार को मदद करने की बजाय संदीप सिंह की घाटे वाली कंपनी पर इतनी ज्यादा मेहरबानी भाजपा के किस शीर्ष नेता के आशीर्वाद से की गई? यह भी एक बहुत महत्वपूर्ण सवाल है कि भाजपा के उच्चस्तरीय नेताओं के साथ सुशांत सिंह राजपूत के करीबी दोस्त संदीप सिंह के घनिष्ठ संबंध किन कारणों से हुए और इन संबंधों के चलते क्या क्या डील हुई?

संदीप सिंह के भाजपा के शीर्ष नेता अमित शाह व नितिन गडक़री के साथ मधुर संबंधों के चलते सुशांत सिंह राजपूत की खुदकुशी के मामले को पूरे देश के घटिया किस्म के मीडिया चैनलों पर भाजपा नेताओं व चाटुकार पत्रकारों तथा सुशांत सिंह के करीबी दोस्तों तथा यहां तक कि सुशांत सिंह के पारिवारिक सदस्यों की सहमति व मिलीभगत से आत्महत्या की बजाय हत्या का मामला बताते हुए बहुत ही गंदा दुष्प्रचार किया गया क्यों कि सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के सभी सदस्यों को सुशांत सिंह के मानसिक तनाव, अवसाद व डिप्रेशन के बारे में पूरा मालूम था और सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के सभी सदस्यों को खुले तौर पर यह भी मालूम था कि सुशांत सिंह राजपूत पिछले काफी सालों से नशे के आदी हो चुके थे!

सुशांत के परिवार वालों को यह भी मालूम था कि सुशांत सिंह कई नई फिल्मी कलाकार लड़कियों के साथ इश्क के चक्रव्यूह में पूरी तरह घिर कर लिव एंड रिलेशन में पिछले कई सालों से रह रहे हैं और परिवार वालों को यह भी मालूम था कि सुशांत पिछले काफी समय से डिप्रेशन व तनाव के इलाज के लिए दवाईयां ले रहे थे और यह भी मालूम था कि इन लड़कियों के इश्क में फंस कर एक ना एक दिन सुशांत के साथ कोई भी घटना घट सकती है, तो फिर यह एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि जब एक परिवार का युवा सदस्य पिछले कई सालों से नशे का आदी हो और कई लड़कियों के इश्क के चक्रव्यूह में फंस कर मानसिक तनाव व डिप्रेशन की दवाईयां ले रहा हो और परिवार के सभी सदस्यों को पूर्णतया इस बात का मालूम हो और सुशांत के सभी स्टाफ सदस्यों एवं सभी मित्रों को इस हालात का पता हो तो फिर ये पिछले ढाई महीनों से देश के अधिकांश राष्ट्रीय मीडिया चैनलों के द्वारा सुशांत सिंह राजपूत की खुदकुशी के मामले को हत्या या ड्रग माफिया का मामला बनाकर भाजपा नेताओं के आशीर्वाद से यह गंदी राजनीति क्यों खेली गई? यह एक बहुत ही गंभीर सवाल है!

अब जरा इस खुदकुशी के केस की हकीकत पर गौर करते हैं! सुशांत सिंह राजपूत के द्वारा 14 जून को मुंबई के बांद्रा स्थित उनके घर पर फंदे पर पंखे के साथ लटक कर खुदकुशी की गई थी! खुदकुशी के समय की मौके की हालातों के मुताबिक मुंबई पुलिस के द्वारा जो भी जांच प्रक्रिया अपनाई गई थी उसके अनुसार हमारे न्यूज पोर्टल पर पूरे विस्तार के साथ खबर इस खुदकुशी के बारे में प्रकाशित हो चुकी है! परंतु अब इस आत्महत्या के मामले को एक राजनैतिक रंग दे दिया गया! इस कारण यह खबर इस दिये गये राजनैतिक रंग पर लिख रहे हैं!

प्रारंभिक तौर पर सभी तथ्यों के अनुसार सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला सीधा-सीधा आत्महत्या का ही बनता है, परंतु देश के कुछ टीवी चैनलों ने अपनी टीआरपी बढ़ाने के चक्कर में पीत पत्रकारिता करते हुए मीडिया व सोशल मीडिया में जानबूझ कर एक गहरी साजिश के तहत इस केस की जांच को पहले फिल्मी जगत पर भाई-भतीजावाद के झूठे आरोप लगाकर प्रभावित करना चाहा! फिर इस आत्महत्या के केस को हत्या बताकर इस खुदकुशी की असलियत को दबाना चाहा और फिर मुंबई पुलिस की जांच पर आरोप लगाते हुए सुशांत सिंह राजपूत के पिता के द्वारा खुदकुशी के 40 दिन बाद 25 जुलाई को अपने गृह नगर बिहार के पटना में एक सोची समझी चाल के तहत एक शिकायत दर्ज कराई और देश की सत्तासीन पार्टी भाजपा के नेताओं से मिलीभगत करते हुए तथा बिहार में होने वाले चुनावों को मद्देनजर रखते हुए बिहार पुलिस को इस केस की जांच में मुंबई पुलिस को प्रभावित करते हुए दाखिल किया गया जो कि कानूनी तौर पर बेहद गलत है!

मुंबई पुलिस के भारी विरोध के बाद सुशांत सिंह राजपूत के परिवार ने भाजपा व चाटुकार पत्रकारों की मदद से अपने ही बेटे की दिवंगत आत्मा की बेकद्री करते हुए सीबीआई को इस केस की जांच देने के लिए सुप्रीमकोर्ट में गुहार लगाई और देश की सुप्रीम कोर्ट ने खुदकुशी के मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी! इस दौरान इस खुदकुशी के मामले को देश के चाटुकार पत्रकारों ने बहुत ही भयंकर तरीके से पीत पत्रकारिता करते हुए लगातार ढाई महीने तक रोजाना सुबह से शाम तक बड़ी गंदी और घटिया एंकरिंग करते हुए देश की जनता के दिलो दिमाग में एक खुदकुशी के केस को हत्या के रूप में साबित करने का भरपूर प्रयास किया व इस खुदकुशी पर एक जबरदस्त गंदी राजनीति का खेल खेलते हुए भारत के इन चाटुकार मीडिया चैनलों ने जबरदस्त अभियान छेड़ दिया!

इस खतरनाक मीडिया ट्रायल के चलते इस खुदकुशी के केस पर देश की तीन बड़ी जांच एजेंसियां जांच करने पर लगा दी गई! यह एक बेहद हैरानी का विषय है कि जिस केस में शुरूआती दौर से ही मौके पर आधारित सभी साक्ष्यों के आधार पर यह मामला सीधा-सीधा खुदकुशी का बनता है। उस केस की जांच सीबीआई, ईडी व एनसीबी जैसी भारत की तीन बड़ी जांच एजेंसियों को सौंप दी गई और मुंबई पुलिस की जांच को नकारते हुए देश की सत्तासीन भाजपा सरकार के द्वारा सुशांत सिंह राजपूत की खुदकुशी के मामले को पूर्णतया राजनैतिक रंग देते हुए इस मामले में कोरोना वायरस की तरह ही एक बड़ा अवसर तलाशने का पूरा-पूरा प्रयास किया गया!

इस सारे मामले के बाद अब भाजपा के पूर्व वरिष्ठ नेता व देश के पूर्व वित्तमंत्री एवं वर्तमान में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक अलायंस (यूडीए) के सयोंजक यशवंत सिन्हा ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में भारतीय जनता पार्टी पर लाश पर राजनीति करने का आरोप लगाया है! सुशांत सिंह राजपूत व उनके करीबी दोस्त संदीप सिंह फिल्मी जगत में लड़कियों के इश्क के चक्रव्यूह में बुरी तरह फंसे हुए थे! खुद सुशांत सिंह व उन के मित्रों के ड्रग के आदी होने के कारण उनके नशेड़ी होने व इश्क के चक्कर में फंसकर खुदकुशी करने का राज दफन हो जाये इसलिए इस खुदकुशी के मामले का राजनैतिक रूप दे दिया गया! वहीं सुशांत सिंह व उनके मित्र संदीप सिंह का अंकिता लोखंडे का एक फोटो इस खबर के साथ है! इस फोटो से मालूम पड़ जायेगा कि सुशांत सिंह व संदीप सिंह किस कदर लड़कियों के चक्कर में थे! देश के राष्ट्रीय मीडिया चैनलों पर इस खुदकुशी के मामले को एक घटिया राजनीति का रंग देते हुए सबसे पहले फिल्म स्टार कंगना रानौत ने एक सुनियोजित तरीके से भाजपा नेताओं के आशीर्वाद से ही शुरुआत की थी और कंगना रानौत के द्वारा टीवी चैनलों पर की गई इस खुदकुशी के मामले में घटिया बहस जिन कारणों से की गई उस बात के सबूत अब सामने आने शुरू हो चुके हैं!

कंगना रानौत के द्वारा मुंबई के इलाके में उनके द्वारा निर्मित उनके ऑफिस के कुछ हिस्से के अवैध निर्माण के मामले में जब मुंबई प्रशासन के द्वारा कार्यवाही की शुरुआत की गई तो भाजपा के गृहमंत्री अमित शाह ने कंगना रानौत को वाई प्लस सिक्योरिटी उपलब्ध करवा दी और खुल्लम-खुल्ला भाजपा के शीर्ष नेता महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ जाते हुए कंगना रानौत के समर्थन में आकर खड़े हो गये!

भाजपा की यह गंदी राजनीति यहीं तक नहीं रुकी और भाजपा के शीर्ष नेताओं ने इस सारे मामले में सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के मामले को हत्या में बदलने के लिए पूरा जोर लगाते हुए फिल्म स्टार कंगना रानौत की माँ आशा रानौत को भाजपा ज्वाइन करवाने की तैयारी कर दी और कंगना की माँ आशा रानौत ने आखिर में भाजपा का दामन थाम ही लिया! भाजपा से जुडऩे के बाद आशा रानौत ने कहा कि भाजपा ने उनकी बेटी को सुरक्षा मुहैया करवाई जिस कारण उन्हें भाजपा में आना ही पड़ा और आशा रानौत ने इस बात के लिए प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार जताया!

कंगना रानौत की माँ आशा रानौत को भाजपा ज्वाइन करवाने के पीछे भाजपा के शीर्ष नेताओं के द्वारा एक गहरी राजनैतिक चाल चलते हुए वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा की उम्मीदवार के तौर पर कंगना रानौत को चुनाव लड़वाने की योजना बनाई गई है! सुशांत सिंह राजपूत के द्वारा की गई खुदकुशी के मामले में यह खबर इस मामले को पूर्णतया राजनैतिक रंग दिये जाने के आधार पर लिखी गई है परंतु इस मामले में पूरी रिपोर्ट कानूनी आधार पर अगली खबर में सभी पाठकों को विस्तार से पढऩे को मिलेगी! इंतजार कीजिये! इंतजार का परिणाम बेहतर होगा!

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