कोरोना के चलते तनाव के वायरस को रोकें

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गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 7 अप्रैल। कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन के दौरान प्रदेश के अधिकतर लोग घरों में कैद हैं! इस दौर में मन को शांत रखना और संयम के साथ जिंदगी बिताना सभी के लिए एक बड़ी भारी चुनौती बनी हुई है! लॉक डाउन के चलते व्यक्ति जीवन से ऊब रहा है और इससे हर व्यक्ति चिंता में डूब रहा है जिसके कारण हर व्यक्ति तनाव के वायरस की चपेट में आ चुका है!

कोरोना के दौर में जब से लॉक डाउन हुआ है तब से हरियाणा प्रदेश का व्यापारी वर्ग व गरीब तथा कामगार मजदूर वर्ग जबरदस्त तनाव के दौर से गुजर रहा है! व्यापारी वर्ग इसलिए जबरदस्त तनाव में है कि उनका व्यापार तो लॉक डाउन के चलते पूर्णतया ठप्प है परंतु व्यापारियों के सिर पर दुकानों के खर्चे यों के यों लागू हैं! व्यापारियों की आमदन तो है ही नहीं परंतु उनके कर्मचारियों का वेतन चालु है! बिजली बिल, बैंक का ब्याज, प्रॉपर्टी टैक्स, जीएसटी व अन्य कई प्रकार के खर्चे तथा कोरोना वायरस के चलते सामाजिक मदद के लिए आर्थिक दान या चंदे इत्यादि जैसे ये सभी खर्चे व्यापारियों पर लॉक डाउन के तहत भी लागू है!

जमीनी स्तर पर काफी गहरे सर्वे के बाद मालूम पड़ा कि हरियाणा सरकार ने लॉक डाउन के तहत व्यापार बंद रहने व कामगार मजदूरों तथा गरीबों की रोज की रोटी रोजी खत्म होने के एवज में यदि कोई मदद व राहत इन सभी पीडि़त व्यापारियों व कामगार मजदूर लोगों को नहीं दी तो ये सभी पीडि़त लोग जबरदस्त तनाव व डिप्रेशन के रोग से घिर जायेंगे व प्रदेश के सभी व्यापारी लोगों में जबरदस्त तनाव का वायरस फैल जायेगा जिससे इन लोगों में आत्महत्याओं का दौर भी शुरू हो सकता है!

लंबे समय के लॉक डाउन के कारण हरियाणा प्रदेश में जबरदस्त आर्थिक मंदी व बेरोजगारी फैल सकती है! इस बात को प्रदेश सरकार हल्के में ना ले तथा व्यापारिक जगत की इस गंभीर समस्या पर पूरी गंभीरता से विचार करके ही कोरोना वायरस बीमारी के तहत लॉक डाउन को बढ़ाने या खत्म करने की योजना पर गंभीरता से विचार करें! इस खबर को व खबर लिखने वाले पत्रकार के द्वारा व्यापारियों की इस समस्या पर किये गये सर्वे को प्रदेश सरकार गंभीरता से ले! सत्तासीन सरकार के कुछ तथाकथित नेता अक्सर ऐसी खबरों का कई बार सोशल मीडिया पर मजाक उड़ाते हैं! आजकल एक आदत सी बन गई है कि जनता की समस्या से संबंधित जब कोई खबर लगाई जाती है तो सोशल मीडिया पर उस खबर के बारे में भद्दी-भद्दी टिप्पणियां लिख दी जाती हैं!

लॉक डाउन के इस दौर में हर व्यक्ति खालीपन के एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जो बेहद निराश करने वाला है! व्यापारी और कामगार मजदूर वर्ग हमेशा क्रियाशील वर्ग है! यह वर्ग कभी भी खाली नहीं बैठ सकता! लॉक डाउन के चलते यह पूर्णतया संभव नजर आ रहा है कि व्यापारी वर्ग व कामगार मजदूर वर्ग में मानसिक समस्यायें शुरू हो जायेंगी! यह वर्ग रोजाना कमा कर अपनी गृहस्थी का रोजाना पेट भरता है! यदि इस वर्ग के काम धंधे ही नहीं रहेंगे तो लाखों गृहस्थ उजड़ जायेंगे जो कि हमारी मानवता पर एक घोर कलंक होगा! इन सभी कारणों से हरियाणा प्रदेश सरकार लॉक डाउन से पैदा हुई व्यापारियों की समस्या का गंभीरता से हल निकाले ताकि व्यापारी व कामगार मजदूर वर्ग के लोगों में तनाव का वायरस ना फैले!

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