कूड़े पे धंधे की राजनीति ने बर्बाद किया गुरुग्राम को !

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गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 30 नवंबर। आजकल कूड़े कर्कट पर बड़ी हाय तौबा चल रही है! चले भी क्यों न! सफाई व्यवस्था तो भारत का हर नागरिक सुचारु रूप से चाहेगा! देश की आजादी के समय से ही सफाई व्यवस्था हमेशा सरकार के अधीन रही है और जब जब देश के किसी भी राज्य में बड़े स्तर पर सफाई व्यवस्था में संकट आया तो उस समय की सरकारों ने सफाई व्यवस्था को सुधार कर ही जनता की सेवा की! देखो अब कैसा समय आया कि एक तरफ तो हरियाणा सरकार पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के सभी शहरों व कस्बों में सफाई व्यवस्था के प्रबंधन में पूर्णतया फेल रही और दूसरी तरफ हरियाणा सरकार ने कूड़े पे धंधा करते हुए सफाई व्यवस्था का निजीकरण कर के जिन प्राइवेट एजेंसियों को सफाई के ठेके दिए उन एजेंसियों ने सरकार के नेताओं व उच्च स्तर के अधिकारीयों से मिलीभगत कर के सफाई व्यवस्था का बेडा गर्क कर दिया! जनता को सफाई व्यवस्था के नाम पर सरकार की तरफ से कुछ नहीं मिला! उलटे जनता से ही सफाई व्यवस्था के नाम पर प्राइवेट एजेंसियों के माध्यम से भारी भरकम पैसे वसूले जाने लगे! जनता सरकार को हर प्रकार के टैक्स भी दे और सफाई के नाम भी पैसा! हरियाणा सरकार ने पिछले पांच साल में जनता को उल्लू बना कर ठगने में कोई कसर नहीं छोड़ी! साथ में ही हरियाणा सरकार सफाई व्यवस्था के नाम पर प्रदेश की सभी सामाजिक संस्थाओं से सफाई व्यवस्था पर धन का खर्चा करवा रही है!

हरियाणा के मुख्यमंत्री का यह बड़ा अजूबा खेल चल रहा है! जनता से टैक्स वसूली से जो पैसा सरकार पर आया उस पैसे को सरकार विकास व सफाई व्यवस्था पर नहीं खर्च रही बल्कि प्राइवेट एजेंसियों से ठेके देने का धन अलग से ले रही है और प्राइवेट एजेंसियां आगे जनता से सफाई के नाम पर धन वसूल रही हैं! सफाई व्यवस्था पर सरकार का तो पैसा लगा नहीं और जनता को सफाई व्यवस्था के नाम कूड़े कर्कट के पहाड़ प्रसाद के रूप में मिले! यह है मोदी और खट्टर का कूड़े कर्कट रूपी विकास! अब हम कूड़े कर्कट की समस्या पर नजर डालें तो नजर आता है कि गुरुग्राम के अलावा नूहं मेवात के इलाके में भी कूड़े कर्कट की जबरदस्त मेहरबानी है! भिवानी भी कूड़े कर्कट की प्रतियोगिता में पिछे नहीं है! सरकार तो नकली तौर पर कुछ लोगों को स्वच्छता के झूठे सर्टिफिकेट देकर अपनी पीठ थपथपा रही है परंतु हरियाणा प्रदेश के अधिकांश शहर कस्बे आज भी असली तौर पर कूड़े कर्कट के ढ़ेरों की प्रतियोगिता में ईनाम जीतने के लिए लाईन में हैं! गुरुग्राम के सेक्टर चार,सेक्टर पांच,सेक्टर बारह व अन्य कई स्थानों पे कूड़े कर्कट के ढ़ेर रोजाना लगते रहते हैं और पालम विहार के सी वन ब्लॉक के इलाके में सीवर ओवरफ्लो की काफी गंभीर समस्या है!

गुरुग्राम के ही सेक्टर 23 ए में स्थित आई टी एम कॉलेज (नॉर्थ कैप यूनिवर्सिटी) के पास खाली पड़े सरकारी 6 एकड़ के प्लॉट में नगर निगम ने काफी बड़ा कूड़े कर्कट का डंपिंग स्टेशन बना रखा है और वहां पर से कूड़ा उठाया नहीं जाता जिस वजह से इस 23 ए सेक्टर के नागरिक बहुत परेशान रहते हैं! प्रशासन इस तरफ से बिलकुल लापरवाह है! इस विषय में जब इस 23 ए सेक्टर की आरडब्लूए के प्रधान मलखान सिंह यादव से बात हुई तो उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि नगर निगम ने इस 23 ए सेक्टर को जानबूझ कर नजरअंदाज कर रखा है! इस सेक्टर के सभी लोगों ने सैकड़ों बार नगर निगम के अधिकारीयों व अन्य प्रशासनिक अधिकारीयों से इस डंपिंग स्टेशन को यहां से हटाने के लिए कहा परंतु इस सेक्टर के लोगों की कोई भी सुनवाई नहीं हुई! मलखान सिंह ने आगे बताया कि यदि सरकार ने इस डंपिंग स्टेशन को यहाँ से जल्दी नहीं हटाया तो सेक्टर 23 ए के सभी निवासी एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे और सरकार को यह बता कर रहेंगे कि यहां की सफाई व्यवस्था सुचारु रूप से करनी ही पड़ेगी वरना जनता किसी भी प्रकार के टैक्स नहीं देगी! पेयजल की व्यवस्था भी इस सेक्टर 23 ए में खराब है!

दूसरी तरफ जब इसी सेक्टर के कर्मठ कार्यकर्ता भवानीशंकर से बात हुई तो उन्होंने भी सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा की सेक्टर 23 ए में कोई भी बुनियादी सुविधाएं सुचारु रूप से नहीं है! पेयजल बड़ा ही दूषित आता है! कई बार तो पेयजल की सप्लाई में बड़ी गंदी सीवर जैसी बदबू आती है जैसे कि सीवरेज ट्रीटमेंट का पानी कहीं पर इस पेयजल की जगह सप्लाई कर दिया गया हो! प्रशासन की लापरवाही की वजह से सेक्टर 23 ए के नागरिक बहुत परेशान है! सेक्टर 46 की मार्केट में भी कूड़ा कर्कट हर तरफ फैला रहता है! सेक्टर 46 की मार्केट में रखे गए कूड़ेदानों से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा! इस कारण कूड़ा कूड़ेदानों के बाहर फैला रहता है! सेक्टर 46 की आरडब्लूए ने सफाई एजेंसी की नगर निगम के आयुक्त से शिकायत भी की है! गुरुग्राम के इन सभी सेक्टरों व सभी कोलोनियों के लोगों की कूड़े कर्कट की समस्या को ले कर के यदि उनकी पीड़ा को समझा जाये तो समझ में आता है कि गुरुग्राम में कूड़े कर्कट का धंधा करने की चाह में सरकार के नेताओं ने ही गुरुग्राम को कूड़े की नगरी में तब्दील करके बर्बाद कर दिया!

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