कूड़ा ग्राम की गंदगी से परेशान होकर लक्ष्मी रूठी

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गुरुग्राम (मदन लाहौरिया)। गुरुग्राम का नाम जनता की तरफ से कूड़ा ग्राम रख दिया गया है क्योंकि यहां पर जिधर भी देखो वहीँ पर कूड़ा ही कूड़ा नजर आता है! भाजपा सरकार के राज में गुडग़ांव से नाम बदल कर गुरुग्राम किया गया परंतु भाजपा के नेताओं व नगर निगम के पार्षदों ने गुरुग्राम से कूड़ा ग्राम बना दिया! राजनैतिक सोच के अनुसार भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं ने जानबूझ कर साजिश रचते हुए गुरुग्राम के बाजारों में ही कूड़े के ढेर लगवाये और फुटपाथों पर अतिक्रमण करवा के उन नेताओं ने अपने ही आदमी बिठा कर अवैध रूप से भारी किराया वसूला! पिछले दो महीने से गुरुग्राम की आम जनता में जब पत्रकार बंधुओं ने लेखनी के माध्यम से कूड़े कर्कट व गंदगी के खिलाफ प्रकाशित खबरों के जरिये एक जागरूकता अभियान छेड़ा तो यहां के प्रशासन की आंख खुली! इस अभियान को तेज गति हमारे न्यूज पोर्टल ‘‘जनता की आवाज’’ ने दी और गुरुग्राम के एक शौचालय में पलंग लगाकर जुआ खेलने व शराब पीने वाले सफाई कर्मचारियों के खिलाफ अभियान सफल किया! गुरुग्राम की मेयर मधु आजाद को जब सफाई व्यवस्था की दुर्दशा के बारे में सूचना दी गई तो उन्होंने यहां के कई शौचालयों का अचानक दौरा किया तो एक शौचालय में तो अंडे की दुकान चलती पाई गई तो दूसरे शौचालय के साथ बने महिला शौचालय पर ताला लगा पाया!

सदर बाजार के प्रवेश पर ही डाकखाना चौक के पास स्थित बने शौचालय का मेयर मधु आजाद ने जब अचानक दौरा किया तो वहां पर पास में ही बने महिला शौचालय पर ताला जड़ा पाया गया! इस शौचालय के पास बड़ी भारी गंदगी फैली हुई थी साथ में अवैध कब्जा कर के चप्पल जूते व सामान बेचने की दुकान लगा रखी थी जिस वजह सदर बाजार में आने वाली महिलायें वहां पर टॉयलेट नहीं जा पा रही! गुरुग्राम के सदर बाजार में खरीददारी के लिए रोजाना हजारों की संख्या में महिलायें आती हैं परंतु इतने बड़े सदर बाजार में कहीं भी महिलाओं के लिए बढिय़ा व साफ सुधरा शौचालय बना हुआ नहीं है! पिछले वर्ष भी महिला शौचालय की आवाज उठाई गई थी परंतु यहाँ के पार्षदों की गंदी राजनीति के चलते सदर बाजार में आज तक महिला शौचालय नहीं बनाया गया! बड़ी हैरानी की बात है कि कुछ नकली समाजसेवी लोग पिछले कई वर्षों से अपना नाम चमकाने के चक्कर में सदर बाजार में कूड़े के लिए डस्टबिन तो बांट देते हैं परंतु वे डस्टबिन बांटने वाले लोग कभी भी महिला शौचालय बनवाने का प्रयास नहीं करते!

इसी प्रकार भाजपा के स्थानीय नेताओं ने सदर बाजार के मुद्दे पर गंदी राजनीति करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की जन आशीर्वाद यात्रा का तो सदर बाजार में करोड़ों रूपये पानी की तरह बहा कर भव्य स्वागत किया परंतु मुख्यमंत्री महोदय को इस सदर बाजार में महिला शौचालयों की दुर्दशा के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी गई और महिलाओं की सुरक्षा व सुविधा के नाम पर झूठा प्रचार करने वाली इस भाजपा सरकार ने महिलाओं के हितों के साथ धोखा किया!

भाजपा का एक नया नया नेता तो अपनी टिकट लेने के चक्कर में मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान सदर बाजार में मुख्यमंत्री का स्वागत करने के चक्कर में करोड़ों रूपये पानी की तरह बहा गया व उस नेता ने नकली ड्रामा करते हुए फोटो खिंचवाने के लिए सफाई के नाम पर हाथों में झाड़ू पकड़ कर सफाई करने का ढोंग किया परंतु टिकट ना मिलने पर सदर बाजार से ही गायब हो गये व सदर बाजार में महिला शौचालयों की दुर्दशा के बारे में उस नेता ने कभी नहीं सोचा! इसी प्रकार भाजपा के कई स्थानीय नेताओं ने सदर बाजार की समस्याओं के मुद्दों पर कई बार गंदी राजनीति की है परंतु महिला शौचालयों के बारे में कभी नहीं सोचा! तभी तो आज तक सदर बाजार में खरीददारी के लिए आने वाली हजारों महिलाओं को यह जबरदस्त कष्ट सहना पड़ रहा है! हमारे देश में दीवाली के पर्व पर हर घर की साफ सफाई की जाती है और सदियों से चली आ रही कहावत है कि लक्ष्मी कभी भी गंदगी के स्थान पर नहीं आती! गंदगी के स्थान पर तो केवल दरिद्रता का ही वास होता है! गुरुग्राम को गंदगी की एक महानगरी बना कर व कूड़ा ग्राम के रूप में बदल कर भाजपा के नेताओं ने लक्ष्मी को नाराज कर दिया! इसी गंदगी की वजह से आज गुरुग्राम का व्यापारी खस्ताहाल स्थिति में होता जा रहा है!

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