कार्यशाला में बताया, शोध पत्र लेखन में कैसे करें ई-संसाधनों का उपयोग

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फरीदाबाद, 17 जनवरी ! जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के पंडित दीन दयाल उपाध्याय केन्द्रीय पुस्तकालय द्वारा डिजिटल इंडिया प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षकों तथा शोधकर्ताओं को ई-संसाधनों के उपयोग तथा उच्च गुणवत्ता के शोध पत्र लिखने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ‘शोध पत्र लेखन तथा ई-संसाधनों के प्रभावी उपयोग’ को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला का उद्घाटन आज कुलसचिव डॉ. एस. के. गर्ग ने किया तथा विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को ई-संसाधनों के उपयोग तथा गुणवत्तापूर्ण शोध पत्र लिखने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर सभी डीन और विभागाध्यक्ष भी उपस्थित थे। कार्यशाला का आयोजन लाइब्रेरियन डॉ. पी.एन. बाजपेयी और डिजिटल इंडिया प्रकोष्ठ की नोडल अधिकारी डॉ. नीलम दूहन की देखरेख में किया जा रहा है।
कुलपति प्रो दिनेश कुमार ने कार्यशाला के आयोजन के लिए केंद्रीय पुस्तकालय और डिजिटल इंडिया प्रकोष्ठ द्वारा की गई पहल की सराहना की है और शोधकर्ताओं के लिए अनुसंधान कार्यों में ई-संसाधनों के उपयोग की उचित समझ के लिए इस तरह की कार्यशालाओं के आयोजन को महत्व बताया। 

अपने संबोधन में, डॉ. बाजपेयी ने कार्यशाला के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला के आयोजन का उद्देश्य विश्वविद्यालय में उपलब्ध ई-संसाधनों के उपयोग को लेकर छात्रों और संकाय सदस्यों को प्रोत्साहित करना है।कार्यशाला के लिए जाने-मानी शोध पत्रिकाओं से आमंत्रित वक्ताओं में एल्सेवियर से कस्टमर कंसल्टेंट श्री विशाल गुप्ता, टेलर और फ्रांसिस ग्रुप से प्रकाश सचान और जे-गेट डिस्कवरी से जय पाल शामिल थे। उन्होंने विद्यार्थियों तथा संकाय सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए उन्हें ई-संसाधनों के प्रभावी उपयोग द्वारा अच्छे शोध पत्र लिखने की तकनीकों के बारे में बताया तथा ई-संसाधनों की खोज और उपयोग के विभिन्न उपकरणों के बारे में जानकारी दी।

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