कंगना के अंगना से गरीबों की बर्बादी तक !

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गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 16 अक्टूबर। आजकल पूरे देश में टीवी चैनलों के कथित सहयोग से एक बहुत ही बेतरतीब नौटंकी की जा रही है ! टीवी चैनलों की भडक़ाऊ एंकरिंग के माध्यम से पूरे देश की जनता को बहुत ही गंदी खबरें परोसी जा रही हैं! पत्रकारिता की मर्यादा का उल्लंघन करते हुए बहुत से टीवी चैनल अपनी टीआरपी बढ़ाने के चक्कर में देश की जनता के सामने खबरों को तोड़ मरोड़ कर पेश करते हैं और घटनाओं के तथ्यों की सच्चाई को झूठ में बदल कर जनता के सामने उन घटनाओं का दूसरा पहलु प्रस्तुत कर देते हैं ! अब यहाँ पर जिक्र करते हैं अभी हाल ही में मुंबई के फिल्मी जगत में चर्चित एक महिला कलाकार कंगना रानौत की नौटंकी के किस्सों की! फिल्मी जगत के युवा कलाकार सुशांत राजपूत ने जब आत्महत्या की तो इसी कंगना रानौत ने देश के भिन्न भिन्न टीवी चैनलों के कार्यक्रमों में बड़े ही गलत तरीके से एक गहरी साजिश के तहत सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या को हत्या करार देने का एक बड़ा अभियान छेड़ दिया !

कंगना रानौत के इस अभियान को देश की केंद्रीय भाजपा सरकार के बहुत से मंत्रियों का आशीर्वाद प्राप्त था जिस वजह से कुछ टीवी चैनलों ने कंगना रानौत को खुलेआम छूट दी कि कंगना उनके टीवी चैनलों के माध्यम से मुंबई के फिल्मी जगत के अधिकांश बड़े कलाकारों के खिलाफ जहर उगलते हुए पूरे फिल्मी जगत को बदनाम कर सके और इस काम में कंगना रानौत ने पूरे फिल्मी जगत को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी! टीवी चैनलों ने भी कंगना रानौत का पत्रकारिता की मर्यादायों की सभी हदों को पार करते हुए कथित रूप से पूरा-पूरा साथ दिया जब कि कंगना रानौत भी स्वयं खुद मुंबई के फिल्मी जगत में कार्य करते हुए कई गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त थी!

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या को हत्या में बदलने के अभियान के चलते अचानक ही कंगना रानौत की एक इमारत के अवैध निर्माण का जब केस मुंबई नगर निगम में खुल गया तो कंगना रानौत बुरी तरह से तिलमिला उठी! जब मुंबई नगर निगम के अधिकारीयों ने कंगना रानौत के उस अवैध निर्माण को तोडऩे की कार्यवाही शुरू की तो देश की केंद्रीय सत्ता पर काबिज भाजपा के गृहमंत्री अमित शाह के द्वारा कंगना रानौत को बड़े उच्च स्तर की कमांडो सहित सुरक्षा उपलब्ध करवा दी गई! यह एक बेहद चौंकाने वाली और रोचक घटना इस देश में घटित हुई! इस देश में जब किसी आम आदमी व मजदूर वर्ग तथा निम्न वर्ग के लोगों का कत्लेआम किया जाता है या उन्हें बुरी तरह से प्रताडि़त कर के आत्महत्या को मजबूर किया जाता है तो उस गरीब वर्ग के लोगों को भाजपा की केंद्रीय सरकार कोई सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाती तो फिर कंगना रानौत को इतनी भारी सुरक्षा उपलब्ध क्यों करवाई गई ?

यह एक बेहद गंभीर सवाल है कि एक गैरकानूनी तरीके से अपनी इमारत का अवैध निर्माण करवाने वाली फिल्मी कलाकार कंगना रानौत को इतनी भारी सुरक्षा क्यों उपलब्ध करवाई गई? यह भी एक सवाल है कि इस देश की उन चाटुकार टीवी चैनलों ने कंगना रानौत को भारतीय संविधान का उल्लंघन करते हुए गलत तरीके से बड़ी भारी सुरक्षा उपलब्ध करवाने के मामले में देश की भाजपा सरकार से सवाल क्यों नहीं किये? इस का सब से बड़ा कारण जो स्पष्ट तौर पर नजर आता है वो यह है कि भाजपा के केंद्रीय उच्च स्तर के नेताओं ने कंगना रानौत को देश की जनता को गुमराह करने के लिए एक मोहरे की तरह से इस्तेमाल करते हुए कंगना को भाजपा में शामिल कर के फिल्मी जगत के खिलाफ इस्तेमाल करने की एक गहरी साजिश रची!

इस साजिश की शुरुआत भाजपा ने कंगना रानौत की माँ आशा रानौत को भाजपा में शामिल करके कर दी! अब यहाँ पर चर्चा करते हैं उसके बारे में जो कंगना रानौत के अवैध निर्माण के खिलाफ की गई कार्यवाही के कारण टीवी चैनलों पर कंगना रानौत के समर्थन में बहुत ही गलत तरीके से एंकरिंग करते हुए इस घटना के मामले को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया! इस वक्त जहाँ तक अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्यवाही को यदि देखा जाये तो भाजपा सरकार द्वारा शासित हरियाणा प्रदेश में सब से ज्यादा गरीबों व मध्यम वर्ग के लोगों को इस कोरोना जैसी महामारी के चलते तोड़ फोड़ के माध्यम से उजाड़ा गया है! हरियाणा प्रदेश के अधिकांश शहरों में इस वक्त प्रदेश की सरकार के द्वारा एक जबरदस्त अभियान चला कर गरीबों के मकान दुकान या झुग्गी झोपडिय़ों को बड़ी बेदर्दी से तोड़ कर तहस नहस किया जा रहा है!एक तरफ जहाँ कोरोना से पीडि़त गरीब वर्ग जबरदस्त आर्थिक तंगी से जूझता हुआ जबरदस्त परेशान है तो दूसरी तरफ प्रदेश की भाजपा सरकार बड़ी बेरहमी से इन गरीबों के मकानों व दुकानों को अवैध निर्माण बता कर जबरदस्ती तोड़ रही है!

गरीबों पर किये जा रहे इस घोर जुल्म के खिलाफ ये सभी चाटुकार टीवी चैनल कोई आवाज नहीं उठा रहे और अपनी आँखें बंद कर के जबरदस्त मौन धारण किये बैठे हैं! क्या गरीबों के मकानों व दुकानों को जबरदस्ती तोडऩा इन चाटुकार टीवी चैनलों को नजर नहीं आता? क्या केवल कंगना रानौत के अवैध निर्माण को मुंबई प्रशासन के द्वारा तोड़ा जाना ही इन टीवी चैनलों को नजर आता है? इस सारे प्रकरण में देश की जनता के सामने एक बात अब पूरी तरह से स्पष्ट होती जा रही है कि भाजपा सरकार अब पूरे देश में सत्ता पर अपने आलावा किसी और दूसरे को नहीं चाहती और भाजपा नेता हर प्रकार के साम दाम दंड भेद अपनाते हुए जनता को गुमराह कर के देश की सत्ता पर अपना कब्जा जमाये रखना चाहते हैं! सत्ता की इस लड़ाई में भाजपा के नेताओं ने कंगना रानौत को अपने अंगना का मोहरा बना कर गरीबों के खिलाफ इस्तेमाल करते हुए गरीबों की बर्बादी ला खड़ी की!

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