ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर चुके 21 वर्षीय जस कालरा ने अर्थ सेवियर्स फाउंडेशन वृद्ध आश्रम की कमान संभाली

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  • मंडावर गाँव स्थित साढ़े छ: एकड़ जमीन जो पाँच सितारा होटल बनाने के लिए ली थी उसे भी मानव कल्याण सेवा में समर्पित कर दिया।
  • विश्व के सबसे बड़े सेवा धाम में दो हजार से अधिक अनाथ व वृद्ध लोगों की सेवा भी करेंगे।

गुरुग्राम/फरीदाबाद (मनीष शर्मा) : ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न विश्वविद्यालय से साइक्लॉजी और क्रीमीनालॉजी में स्नातक शिक्षा प्राप्त की, अन्तर्राष्ट्रीय फूटबाल लीग के सेंटर फूटबाल प्लेयर भी रहे 21 वर्षीय जस कालरा ने अर्थ सेवियर्स फाउंडेशन वृद्ध आश्रम की कमान संभाली।

गुरुग्राम के बंधवाड़ी गाँव और मंडावर गाँव में पिछले एक दशक से चलने वाले अनाथ व वृद्ध आश्रम में रहने वाले कई सौ वृद्ध अपाहिज, अबला महिलाओं व मानसिक रोगियों की सेवा में लगे अर्थ सेवियर्स फाउंडेशन की कमान मात्र 21 वर्ष के जस कालरा ने संभाल ली है।

गौरतलब है की जस कालरा अनाथ, वृद्ध, मानसिक रोगियों व अपाहीज लोगों की सेवा में समर्पित विश्व विख्यात कर्म योगी रवि कालरा के पुत्र हैं। अपने पिता रवि कालरा की समाज के प्रति निष्काम सेवाओं से प्रभावित हो कर जस कालरा ने अपने अन्तर्राष्ट्रीय प्रोफेशनल बिजनस को बढ़ाने के साथ-साथ वृद्ध व बेसहारा लोगों की निष्काम सेवा करने का प्रण भी लिया।

इस संदर्भ में बंधवाड़ी गाँव और मंडावर गाँव स्थित दि अर्थ सेवियर्स फाउंडेशन के अनाथ वृद्ध आश्रम में जस कालरा का भव्य स्वागत किया गया। गरीब व अपाहिज लोगों ने जस कालरा को शुभकामनाएं दी और आशीर्वाद दिया ! इसके उपरान्त सभी ने जस कालरा के साथ बैठ कर लंगर व प्रसाद ग्रहण किया। संस्था के सभी कर्मचारियो ने जस कालरा के साथ मिलकर जीव-जन्तुओं और पर्यावरण की रक्षा करने में हर संभव सहयोग करने का प्रण भी लिया।

गौरतलब है कि जस कालरा छोटी उम्र के युवा हैं जिन्होंने मृत्युशया पर पड़े लोग, मानसिक रोगियों व लाइलाज से ग्रस्त लोगों और ऐसे लोग जिनके मल मूत्र में कंट्रोल नहीं होता, अबला महिलाएं और वह लोग जिनके शरीर में कीड़े पड़ जाते हैं, ऐसे हजारों लोगों की सेवा करने में अपना जीवन समर्पित करने का प्रण लिया है। जस कालरा आधी-आधी रात में जाकर बेघर व बेसहारा लोगों को ढूंढ़ कर संस्था में लायेंगे और उन्हे जीने का सहारा देंगे। इसके साथ-साथ जस कालरा निरंतर शमशान घाटों में जाकर लावारिस लाशों का दाह संस्कार भी करेंगे।

संस्था के कर्मचारियों ने बताया की जब जस कालरा 19 साल के थे तो उन्होंने अपने पिता रवि कालरा को इच्छा जाहिर की थी कि मंडावर गाँव स्थित उनकी साढ़े छ: एकड़ जमीन जो उन्होंने पाँच सितारा होटल बनाने के लिए ली थी उसे भी मानव कल्याण सेवा में समर्पित कर दी जाये। रवि कालरा ने तुरन्त स्वीकृति दी और मंडावर गाँव की अपनी साढ़े छ: एकड़ जमीन मानव सेवा में समर्पित कर दी और अब जस कालरा मंडावर गाँव की इस जमीन पर बनने वाले विश्व के सबसे बड़े सेवा धाम में दो हजार से अधिक अनाथ व वृद्ध लोगों की सेवा भी करेंगे।

बातचीत के दौरान कालरा ने बताया कि अनाथ वृद्ध व बेसहारा लोगों की सेवा के साथ-साथ अपने अन्तर्राष्ट्रीय बिजनेस को भी बढ़ाएंगे। इसके अलावा जल संकट, जंगलों के कटाव, वायु प्रदूषण, वेस्ट मेनेजमेंट, ट्रेफिक जाम की समस्या, बढ़ती बीमारियाँ, शिक्षा, ध्वनि प्रदूषण, रोजगार और वायु प्रदूषण जैसी देश व्यापी और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए भी कार्य करगें। समाज के हर व्यक्ति विशेष कर युवा वर्ग को संदेश भी देना चाहते हैं कि निष्काम सेवा करना सभी लोगों का परम कर्तव्य है।

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