उपायुक्त यशपाल की अध्यक्षता में जिला संकट निवारण कमेटी की बैठक हुई

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फरीदाबाद। उपायुक्त यशपाल की अध्यक्षता में जिला संकट निवारण कमेटी की बैठक हुई, जिसमें कोरोना वायरस के चलते लगे लॉक डाउन में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई व पिछले दिनों  घर-घर किए सर्वेक्षण के दौरान सभी 13 कंटेंनमेंट क्षेत्रों में मिले खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित लोगों की करोना जांच करवाने के संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। मौके पर नगर निगम आयुक्त यश गर्ग भी उपस्थित थे।

उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी उपमंडल अधिकारी (नागरिक) अपने क्षेत्रों के अंदर नगर निगम फरीदाबाद के सभी संयुक्त आयुक्त की मदद से सुनिश्चित करें कि 250 से 300 घरों के एक समूह के सभी लोगों के साथ दूध, सब्जी, दवाइयां व खाने आदि के विक्रेताओं के फोन नंबर एक ग्रुप में डालकर शेयर कर दें ताकि इन आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई विक्रेता के माध्यम से सभी घरों तक हो जाए। अतिरिक्त उपायुक्त स्वयंसेवकों की एक सूची तैयार करें ताकि कंटेनमेंट क्षेत्रों में सभी घरों में स्वयं सेवकों के माध्यम से जरूरी सामान का वितरण घर-घर तक करवाया जा सके। उन्होंने बताया कि यह स्वयंसेवक यह भी देखें कि उनके एरिया में कोई व्यक्ति बीमार तो नहीं। यदि उन्हें किसी व्यक्ति की बीमारी के बारे में पता चलता है तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दी जाए।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि बीते दिनों जो घर-घर सर्वेक्षण किया गया था, जिसके आधार पर कुछ लोगों में खांसी जुखाम और बुखार के लक्षण मिले थे, उन पर निरंतर निगरानी रखी जाए तथा सभी 13 कंटेनमेंट जोन के बीमार व्यक्तियों की कोरोना जांच करवाई जाए। इसके अलावा जिला में स्थित सभी अस्पतालों, क्लिनिकों, दवाइयों की दुकानों, पंच-सरपंच, पार्षदों आदि के माध्यम से भी हर रोज यह सूचना लेना सुनिश्चित करें कि उनके एरिया में किसी व्यक्ति में खांसी, जुखाम या बुखार के लक्षण तो नहीं हैं। अगर हैं तो लोगों के नाम और टेलीफोन नंबर का एक रिकॉर्ड रखा जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को चाहिए कि अगर उनमें खांसी, जुखाम या बुखार जैसी बीमारी के लक्षण हैं तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नंबरों पर दी जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति की बीमारी की सूचना जिला प्रशासन को किसी अन्य सूत्र से पता चलती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए कोई भी व्यक्ति इस बीमारी को छुपाए नहीं। उपायुक्त ने कहा कि टेस्ट के लिए एक नीति बनाकर कार्य किया जाए व रैपिड टेस्ट के लिए शहर के अलग-अलग भागों में टीम को अनुमति दी जाए। इसके अलावा कोरोना लैब की क्षमता भी बढ़ाई जाए। एक प्राइवेट लैब को भी शामिल किया जाए ताकि ज्यादा सैंपल आने पर दूसरी जगह सैंपल की जांच कराई जा सके। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त आर०के० सिंह, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम धर्मेंद्र सिंह, एसडीएम बल्लभगढ़ त्रिलोक चंद, एसडीएम फरीदाबाद अमित कुमार, एसडीएम बड़खल पंकज सेतिया, सिविल सर्जन डॉ० कृष्ण कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राकेश मोर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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