अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस – जूनियर रेडक्रॉस ने छात्राओं को सहकारिता से अवगत करवाया

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फरीदाबाद : गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल एन आई टी तीन फरीदाबाद में प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा की अध्यक्षता में जूनियर रेडक्रॉस, गाइड्स और सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड ने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर छात्राओं को सहकारिता के महत्व से अवगत करवाया। प्राचार्य एवं जे आर सी और ब्रिगेड प्रभारी रविंद्र कुमार मनचंदा, एक्टिविटीज कॉर्डिनेटर प्राध्यापिका शीतल और प्राध्यापिका मोनिका ने कहा कि सहकारिता दिवस मनाने का उद्देश्य सहकारी समितियों पर जागरूकता बढ़ाना है। सहकारिता का तात्पर्य सहभागिता है। सरल शब्दों में कहें तो सहयोग और सहभागित कर काम करने को सहकारिता कहा जाता है। साथी हाथ बढ़ाना के उद्देश्य से समस्त मानव जगत का कल्याण करना है। जैसा कि हम सब जानते हैं कि इसे सर्वप्रथम 1923 में मनाया गया था।

सहकारिता आंदोलन की सफलताओं और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता, आर्थिक दक्षता, समानता और विश्व शांति के आदर्शों को बढ़ावा देना प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अंतर्राष्ट्रीय दिवस ऑब्जर्व करने का उद्देश्य स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तरों पर अंतर्राष्ट्रीय सहकारी आंदोलन और सरकारों सहित अन्य अभिनेताओं के बीच साझेदारी को सुदृढ़ और विस्तारित करना है। इस वर्ष का थीम एक साथ बेहतर निर्माण करना है। विश्व भर की सहकारी समितियां दिखा रही है कि कैसे वे एकजुटता और लचीलेपन के साथ कोविड महामारी संकट का सामना कर रही हैं और समुदायों को एक जन-केंद्रित और पर्यावरण की दृष्टि से समान होने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने बताया कि सहकारिता माध्यम से नागरिक अपने समुदाय और राष्ट्र की आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक के साथ-साथ राजनीतिक उन्नति में योगदान देकर अपने जीवन को प्रभावी ढंग से बेहतर बना रहे हैं। सहकारी समितियां विश्व भर में 280 मिलियन लोगों को आजीविका दे रही हैं, जो विश्व की नियोजित जनसंख्या का दस प्रतिशत है। प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने कहा कि सहकारिता का सफलता का प्रमाण अमूल ब्रांड है जिस के मिल्क प्रोडक्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्याधिक पॉपुलर हैं। उन्होंने सहकारिता के उत्पादों को प्रचलित कराने के लिए सभी को सहयोग देने के लिए प्रेरित किया।

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